Friday, 17 July 2026 | Lucknow | 29°C

यूपी में मिलावट पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, ₹11.66 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त, 6 एफआईआर दर्ज

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेष अभियान के दौरान ₹11.66 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त की गई। 2,965 नमूने जांच को भेजे गए, 6 एफआईआर दर्ज हुईं और कई इकाइयों पर कार्रवाई की गई।
Bureau
Bureau News Desk
17 Jul 2026
08:46 PM
1 min read
यूपी में मिलावट पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, ₹11.66 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त, 6 एफआईआर दर्ज
इमेज सोर्स एआई
हाइलाइट्स
₹11.66 करोड़ मूल्य की 2,929.86 क्विंटल खाद्य सामग्री अभियान के दौरान जब्त की गई।
प्रदेशभर में 3,537 निरीक्षण, 2,075 छापेमारी और 2,965 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए।
₹63.17 लाख मूल्य की 551.71 क्विंटल असुरक्षित एवं अपमिश्रित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
दूध, घी, पनीर, मसाले, खाद्य तेल और पैकेज्ड पेयजल सहित कई खाद्य श्रेणियों में विशेष अभियान चलाया गया।

लखनऊ, 17 जुलाई। उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने प्रदेशभर में अभियान के दौरान 3,537 निरीक्षण, 2,075 छापेमारी और 2,965 खाद्य नमूनों का संग्रह कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा। इस दौरान करीब ₹11.66 करोड़ मूल्य की 2,929.86 क्विंटल खाद्य सामग्री जब्त की गई, जबकि ₹63.17 लाख मूल्य की 551.71 क्विंटल असुरक्षित एवं अपमिश्रित खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

विभाग के अनुसार यह अभियान विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उपलब्ध कराने के संकल्प के तहत चलाया गया। कार्रवाई का दायरा पूरे प्रदेश में रखा गया और इसमें संगठित रूप से मिलावट करने वालों तथा खाद्य सुरक्षा कानूनों का गंभीर उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर विशेष फोकस किया गया।

अभियान के दौरान खुले और पैक्ड मसाले, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पनीर, घी, पैकेज्ड पेयजल, जैम, जेली, सॉस, मेयोनेज़, अचार, चटनी और खाद्य तेल सहित विभिन्न श्रेणियों के उत्पादों की जांच की गई।

यह खबर भी पढ़े - बिजनौर को ₹1003 करोड़ की सौगात, गंगा एक्सप्रेसवे हरिद्वार तक बढ़ाने की तैयारी; सीएम योगी ने किया बड़ा ऐलान

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत करना भी रहा।

विशेष अभियान के दौरान मसालों के 1,055 नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई में 419.7 क्विंटल मसाले, जिनकी अनुमानित कीमत ₹67.78 लाख है, जब्त किए गए। इसके अलावा मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 80.47 क्विंटल मसालों को नष्ट कराया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹15.17 लाख बताई गई।

अभियान के दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पादों की निर्माण इकाइयों पर सबसे अधिक कार्रवाई हुई। विभाग ने 572 छापों के दौरान 885 नमूने संग्रहित किए। इस कार्रवाई में 1,876.66 क्विंटल दूध एवं दुग्ध उत्पाद, जिनकी अनुमानित कीमत ₹10.66 करोड़ है, जब्त किए गए। साथ ही 211.96 क्विंटल असुरक्षित एवं अपमिश्रित उत्पाद बाजार तक पहुंचने से पहले ही नष्ट करा दिए गए।

अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनेज़ और चटनी की श्रेणी में 801 नमूने लिए गए। जांच के दौरान 338.6 क्विंटल खाद्य सामग्री जब्त की गई, जबकि 259.28 क्विंटल असुरक्षित उत्पादों को विनष्ट कराया गया।

यह खबर भी पढ़े - 'बम-बम' के नारे से भी थी दिक्कत... गाजियाबाद में विपक्ष पर सीएम योगी के कई बड़े राजनीतिक हमले

पैकेज्ड पेयजल निर्माण इकाइयों पर 212 छापे डाले गए, जिनमें 224 नमूने एकत्र किए गए। जांच के बाद 56 इकाइयों को सुधार सूचना, 41 लाइसेंस निलंबित, 57 इकाइयों को सील और 37 इकाइयों का उत्पादन बंद कराया गया।

प्रदेश की 520 पैकेज्ड पेयजल और मिनरल वाटर इकाइयों के निरीक्षण के दौरान 397 नमूनों की जांच की गई। इनमें 119 नमूने असुरक्षित और 194 नमूने अधोमानक पाए गए। इसके बाद संबंधित इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने और सुधार होने तक विभिन्न ब्रांडों पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की गई।

उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण खाद्य तेल पहुंचाने के उद्देश्य से गठित 58 विशेष टीमों ने 64 निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। 210 नमूने जांच के लिए लिए गए और 4,153 किलोलीटर खाद्य तेल, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹6.5 करोड़ है, जब्त किया गया।

जांच के आधार पर 14 इकाइयों के विभिन्न ब्रांडों पर सुधार होने तक प्रतिबंध लगाया गया। इसी प्रकार घी के नमूने असुरक्षित पाए जाने पर उत्तर प्रदेश और राज्य के बाहर स्थित कुल 11 ब्रांडों के निर्माण, वितरण, भंडारण और बिक्री पर भी रोक लगाने की कार्रवाई की गई।

विभाग के अनुसार शाहजहांपुर, मथुरा, अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और उन्नाव में खाद्य सुरक्षा कानूनों के गंभीर उल्लंघन के मामलों में 6 एफआईआर दर्ज कराई गईं। इन मामलों में सिंथेटिक रंग से सौंफ तैयार करना, नकली पनीर, नकली दूध और घी का निर्माण, प्रतिबंधित पदार्थों से बटर बनाना, सील तोड़कर उत्पादन शुरू करना और बिना लाइसेंस निर्माण जैसी अनियमितताएं सामने आईं।

विभाग ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान कार्रवाई का केंद्र छोटे और खुदरा व्यापारियों की बजाय संगठित रूप से मिलावट करने वाले तथा गंभीर खाद्य अपराधों में शामिल लोगों पर रखा गया। अधिकारियों को ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Explore Related Topics

उत्तर प्रदेश UP News खाद्य सुरक्षा एफएसडीए मिलावट मिलावटी खाद्य पदार्थ दूध घी पनीर मसाले खाद्य तेल पैकेज्ड पेयजल Food Safety Food Adulteration UP Government छापेमारी एफआईआर नकली दूध नकली घी Food News

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News