सुबह स्कूल, दोपहर मौत! क्लास में गिरकर गई जान, स्कूल प्रबंधन पर सवालों की बौछार

क्लासरूम बना काल - पढ़ते-पढ़ते गिरी नंदिनी, कुछ ही मिनटों में मौत… बाराबंकी में एक माह में दूसरी सनसनीखेज घटना
News Desk 18 Jul 2025, 02:56 AM 1 min read
सुबह स्कूल, दोपहर मौत! क्लास में गिरकर गई जान, स्कूल प्रबंधन पर सवालों की बौछार


>शहर के प्रतिष्ठित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लखपेड़ाबाग में शुक्रवार को पढ़ाई के दौरान कक्षा 11 की छात्रा नंदिनी की अचानक मौत से पूरे स्कूल में सन्नाटा और सदमे का माहौल बन गया। सुबह तक स्वस्थ दिख रही छात्रा क्लास में अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


>नंदिनी, टिकैतनगर थाना क्षेत्र के न्यामतगंज निवासी राजितराम की बेटी थी। घर से स्कूल तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन चंद मिनटों में उसकी दुनिया बदल गई  और पूरे जिले में एक बार फिर “स्कूल सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन” पर सवाल खड़े हो गए।

एक महीने में दूसरी मौत


>यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि कुछ सप्ताह पूर्व ही बाराबंकी के सेंट एंथोनी स्कूल में एक छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हुई थी। दोनों घटनाएं स्कूल टाइम में और अचानक हुईं, जो न केवल शिक्षा विभाग, बल्कि अभिभावकों को भी चिंतित और आशंकित कर रही हैं।


>स्कूल प्रशासन और परिजनों के अनुसार, नंदिनी की तबीयत बिगड़ने से पहले किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की कोई जानकारी नहीं थी। स्कूल में शिक्षक और सहपाठी स्तब्ध हैं।

क्या स्कूलों में हैं पर्याप्त स्वास्थ्य आपात व्यवस्थाएं?

इन दोहरे हादसों के बाद यह बड़ा सवाल है कि —

  • क्या स्कूलों में स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा और मेडिकल सुविधा उपलब्ध है?
  • क्या बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की कोई नियमित व्यवस्था है?
  • क्या स्कूल स्टाफ को ऐसी आपात स्थिति से निपटने की प्रशिक्षित जानकारी है?


>इस घटना ने प्राइवेट स्कूलों की जवाबदेही को एक बार फिर कटघरे में ला खड़ा किया है।

पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज़


>फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों पर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। पुलिस घटना की जांच में जुटी है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

शोक में डूबा स्कूल, सहपाठी बोले – कल तक साथ थी नंदिनी


>नंदिनी की असामयिक मौत से स्कूल में गहरा शोक व्याप्त है। सहपाठी कह रहे हैं – “वो तो सुबह हँसते हुए आई थी… किसी ने नहीं सोचा था कि वो लौटकर नहीं जाएगी।” शिक्षकों की आंखें नम हैं, और पूरा स्कूल प्रशासन स्तब्ध और दुखी है।

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