>मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत गठित “उत्तर प्रदेश स्टेट सैनिटेशन मिशन” की शीर्ष समिति की बैठक आज संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश में स्वच्छता संबंधी विभिन्न योजनाओं और उनकी प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।
>मुख्य सचिव ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के लिए प्राथमिकता के आधार पर स्थल चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। साथ ही, एसएनए स्पर्श सेल के लिए अतिरिक्त मैनपावर नियुक्ति की भी स्वीकृति दी गई।
>बैठक में प्रमुख सचिव, पंचायती राज श्री अनिल कुमार ने शहरी क्षेत्रों में एफएसटीपी के तकनीकी कार्यों को जल निगम द्वारा निष्पादित करने संबंधी जानकारी दी। तकनीकी एजेंसी को एफएसटीपी की डिजाइन और अनुमान कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
>मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं निदेशक, पंचायती राज श्री अमित कुमार सिंह ने मिशन के उद्देश्य, अवधि और वित्तीय व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लक्ष्य के तहत 54,17,255 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है और इन्हें जियो-टैग किया गया है। इसके अलावा, 93,697 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम घोषित किया गया है, जहां ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्राथमिकता के आधार पर संचालित किए गए। इनमें से 81,936 ग्रामों का प्रथम स्तरीय सत्यापन भी पूर्ण हो चुका है।
>प्रदेश में 115 गोबरधन परियोजनाओं के तहत बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। हापुड़ और अमरोहा में एक-एक एफएसटीपी का निर्माण पूरा कर संचालन शुरू किया गया। इसके अलावा, 102 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है।
>मुख्य सचिव ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत एसएनए स्पर्श के माध्यम से व्यय प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इसके लिए एसएनए सेल का गठन किया गया है, जिसमें 4 स्टेट कंसल्टेंट, 3 लेखाकार और 3 कम्प्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए जाएंगे।
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