>अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं और हर बार टोल प्लाजा पर जेब हल्की होने का दर्द झेलते हैं - तो आपके लिए खुशखबरी है! केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर लगने वाले टोल टैक्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिससे आपकी यात्रा का खर्च 50% तक कम हो सकता है।
>अब चाहे आप दिल्ली से लद्दाख जा रहे हों या कश्मीर से कन्याकुमारी, सफर पहले से ज्यादा सस्ता और पारदर्शी होगा। सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो अक्सर हाईवे से लंबी दूरी तय करते हैं।
क्या है नया टोल नियम? अब टोल का कैलकुलेशन बदलेगा
>राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 2 जुलाई से टोल कैलकुलेशन के नियमों में संशोधन किया है। अब तक अगर हाईवे पर कोई फ्लाईओवर, सुरंग या एलिवेटेड रोड होता था, तो उस हिस्से की लंबाई का 10 गुना जोड़कर टोल वसूला जाता था।
अब दो फॉर्मूले होंगे लागू:
- पुराने नियम के अनुसार: स्पेशल स्ट्रक्चर की लंबाई × 10
- नया नियम: पूरी सड़क की कुल लंबाई × 5
अब दोनों में से जहां टोल कम आएगा, वही नियम लागू होगा।
उदाहरण:
40 किमी के हाईवे में 30 किमी स्पेशल स्ट्रक्चर है:
- पुराना टोल कैलकुलेशन = 30×10 + 10 = 310 किमी
- नया टोल कैलकुलेशन = 40×5 = 200 किमी
>इस बदलाव से अटल टनल जैसे प्रोजेक्ट्स पर टोल 150 से घटकर 75 रुपए हो सकता है।
कौन-कौन होंगे फायदे में?
>वो यात्री जिनका सफर एलिवेटेड रोड, फ्लाईओवर या सुरंगों से होकर गुजरता है।- फोर-लेन या एक्सप्रेसवे पर चलने वाले लोग।
- जैसे- द्वारका एक्सप्रेसवे पर अब टोल 317 से घटकर 153 रुपए हो सकता है।
क्या सिर्फ FASTag यूजर्स को मिलेगा फायदा?
>नहीं। यह कटौती सभी वाहन चालकों पर लागू होगी।
>लेकिन FASTag से भुगतान करने वालों को दोगुना टोल नहीं देना पड़ेगा, जबकि कैश पेमेंट करने वालों के लिए यह खतरा रहता है। भारत में अब अधिकतर टोल प्लाजा डिजिटल हो चुके हैं।
भविष्य में टोल कैसे कटेगा? अब बूथ नहीं, नंबर प्लेट पढ़ेगा सिस्टम
>15 अगस्त 2025 से केंद्र सरकार सालाना फास्टैग पैकेज लाने जा रही है। इसके तहत प्राइवेट वाहन 3,000 रुपए में साल भर में 200 बार टोल क्रॉस कर सकेंगे।
>ANPR आधारित सैटेलाइट टोलिंग जल्द लागू होगी: अब न टोल पर रुकना होगा, न लाइन में लगना। आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट स्कैन होगी और टोल सीधे बैंक अकाउंट से कटेगा। NHAI ने इसके इंस्टॉलेशन का काम शुरू कर दिया है।
टोल कैसे तय होता है? ये तीन बातें ध्यान रखें:
- वाहन का आकार और वजन:
- कार: ₹1–2.5/km
- मिनी बस: ₹1.8–4.5/km
- ट्रक: ₹3.5–8/km
- भारी ट्रक/ट्रेलर: ₹7–15/km
- हाईवे की श्रेणी:
- एक्सप्रेसवे महंगे, सामान्य हाईवे सस्ते
- लोकेशन:
- शहरों में टोल ज्यादा, गांवों में कम
- रिटर्न ट्रिप (24 घंटे में) पर मिलता है 50% डिस्काउंट
टोल से सरकार की कमाई कितनी?
- पिछले 5 साल में टोल से 1.93 लाख करोड़ की कमाई
- 2024 में अकेले ₹64,000 करोड़ वसूले गए
- भरथना टोल प्लाजा (गुजरात) ने सबसे ज्यादा ₹2,043 करोड़ कमाया
>सरकार ने पिछले 5 साल में 10 लाख करोड़ रुपए हाईवे निर्माण और रखरखाव पर खर्च किए हैं।
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