उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भर्ती का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बताया कि राज्य में इस वर्ष 65 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 60,000 से अधिक सहायिकाएं शामिल हैं।
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न आंगनवाड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल देखभाल से जुड़े अग्रिम पंक्ति के कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के तहत तीन लाख से अधिक कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व की व्यवस्थाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले पोषण पूरक वितरण प्रणाली में अनियमितताएं थीं, जिन्हें वर्तमान सरकार ने समाप्त कर पारदर्शिता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि अब नियुक्तियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर और बिना किसी सिफारिश के की जा रही हैं। साथ ही, पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे रियल टाइम डेटा संग्रह और निगरानी में सुधार होगा। इससे पोषण और विकास संबंधी आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी।
नीतिगत बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के केंद्र के रूप में भी कार्य करेंगे। इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित 27,000 केंद्रों को आंगनवाड़ी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ‘यशोदा मैया’ की संज्ञा दी है, जो बच्चों के पालन-पोषण में उनकी भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि 137 करोड़ रुपये की लागत से नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। वहीं, कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों से जुड़ी 313 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
कोविड-19 महामारी के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन कर्मियों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं और जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में योगदान दिया।
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