उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडेय को संबोधित करते हुए कहा, आप लोगों को देखकर गिरगिट भी शरमा जाए। इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत में पहली बार गरीबों के लिए जीरो बैलेंस बैंक खाते खोलने की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि लगभग 30 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे उन्हें सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन ने इस पहल का विरोध किया और 15 लाख रुपये के मुद्दे को लेकर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन खातों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान यही बैंक खाते प्रभावी साबित हुए। सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सहायता सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचाई गई, जिससे पारदर्शिता और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव दिखाई दिया।
स्वच्छता को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों, मोहल्लों और शहरों में बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने इस अभियान का भी विरोध किया और शौचालय निर्माण का मजाक उड़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शौचालय केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को समाजवादी कहने वाले लोग आधी आबादी की गरिमा के प्रति संवेदनशील नहीं दिखते। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।
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