उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र में गुरुवार को महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा प्रस्तावित है। सत्र से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और चर्चा में भाग लेने की चुनौती दी। विशेष सत्र से पहले मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी का व्यवहार समय-समय पर बदलता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में महिलाओं से जुड़े मामलों में गंभीर घटनाएं सामने आईं।
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उत्तर प्रदेश विधान सभा के विशेष सत्र से पूर्व लखनऊ में पत्रकार बंधुओं से वार्ता... https://t.co/MpUSrZ0gzm
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 30, 2026
सीएम ने कहा कि सपा और कांग्रेस पर पहले भी महिला विरोधी रुख के आरोप लगते रहे हैं और विभिन्न घटनाओं के उदाहरण सार्वजनिक रूप से चर्चा में रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर समय से पहले कदम उठाने का प्रयास किया गया है और इस दिशा में बाधा बनने वाले दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा और भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण है।
सीएम योगी ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे सदन में चर्चा में हिस्सा लें और अपने रुख को स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को लगता है कि उनके पूर्व के निर्णय गलत थे, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी दलों को इस विषय पर अपनी राय स्पष्ट करनी चाहिए।
उधर, विशेष सत्र शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायक विधानसभा परिसर में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। सपा विधायकों ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन करते हुए भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। विपक्षी दलों का कहना है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है और इसे लेकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
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