>उत्तर प्रदेश में जाली पासपोर्ट बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बड़ा राज़ खुला है। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने इस मामले में सक्रिय गिरोह के दो सदस्यों अक्षय सैनी और राजीव तिवारी से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई घुसपैठियों ने उत्तर प्रदेश से जारी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर खाड़ी देशों की यात्रा की है।
>सूत्रों के मुताबिक, गिरोह अब तक कई रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए न सिर्फ जाली पासपोर्ट, बल्कि आधार कार्ड और अन्य भारतीय दस्तावेज भी तैयार करा चुका था। इस नेटवर्क का विस्तार दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में फैला हुआ है।
>एटीएस की जांच में अब तक कुल 10 सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरोह के कब्जे से बरामद 22 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डाटा की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर कितने घुसपैठियों ने इस गिरोह के जरिए आधार कार्ड और पासपोर्ट हासिल किए थे।
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