यूपी बीजेपी अध्यक्ष: 45 साल में 6 ब्राह्मण, 3 कुर्मी, 1 लोधी समेत किस जाति को कितनी बार मिली कमान?

UP BJP History: 1980 से 2025 तक यूपी बीजेपी के 14 प्रदेश अध्यक्षों की जातिगत और ऐतिहासिक सूची। नए अध्यक्ष की संभावित दावेदारी और संगठनात्मक बदलाव।
News Desk 12 Dec 2025, 06:52 PM 1 min read
यूपी बीजेपी अध्यक्ष: 45 साल में 6 ब्राह्मण, 3 कुर्मी, 1 लोधी समेत किस जाति को कितनी बार मिली कमान?


>उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अपने नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में पहुंच चुकी है। 13 दिसंबर को नामांकन और 14 दिसंबर को नए अध्यक्ष का ऐलान होने की संभावना है। 45 वर्षों में पार्टी ने कई सामाजिक वर्गों और जातियों को संगठन की कमान सौंपी है, जिसमें ब्राह्मण नेताओं की संख्या सबसे अधिक रही है।


>बीजेपी की स्थापना के बाद से यूपी में 14 नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला है। इस सफर की शुरुआत 1980 में माधो प्रसाद त्रिपाठी से हुई, जिन्होंने 1984 तक पदभार संभाला। उनके बाद लोधी समाज के कल्याण सिंह 1984 से 1990 तक अध्यक्ष रहे। इसी अवधि में बीजेपी ने राज्य की राजनीति में अपना विस्तार तेज किया।


>1991 में कलराज मिश्र को अध्यक्ष बनाया गया, जो 1997 तक छह वर्षों तक पद पर रहे। यह दौर राज्य में मंडल-कमंडल की सियासत के चरम का समय था। मिश्र के बाद राजनाथ सिंह ने मार्च 1997 से जनवरी 2000 तक अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। क्षत्रिय वर्ग से आने वाले सिंह बाद में यूपी के मुख्यमंत्री भी बने।


>इसके बाद मीरजापुर के ओम प्रकाश सिंह जनवरी से अगस्त 2000 तक सात महीने के लिए प्रदेश अध्यक्ष रहे। फिर एक बार कलराज मिश्र को अध्यक्ष बनाया गया, जिन्होंने 2000 से 2002 तक पदभार संभाला।


>2002 से 2004 तक विनय कटियार अध्यक्ष रहे, जो राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उनके बाद जुलाई 2004 से सितंबर 2007 तक केशरीनाथ त्रिपाठी ने पद संभाला। त्रिपाठी बाद में कई राज्यों के राज्यपाल भी बने।


>2007 से 2010 तक डॉ. रमापति राम त्रिपाठी अध्यक्ष रहे, जबकि 2010 से 2012 तक भूमिहार समाज के सूर्य प्रताप शाही ने जिम्मेदारी निभाई। लक्ष्मीकांत वाजपेयी 2012 से 2016 तक अध्यक्ष रहे और उनके कार्यकाल में बीजेपी ने यूपी में लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।


>वर्ष 2016 में केशव प्रसाद मौर्य को अध्यक्ष बनाया गया। उनके कार्यकाल में 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला। इसके बाद महेंद्र नाथ पांडेय अगस्त 2017 से जुलाई 2019 तक अध्यक्ष रहे।


>2019 में कुर्मी समाज से आने वाले स्वतंत्र देव सिंह को अध्यक्ष बनाया गया, जिनकी अगुवाई में पार्टी ने 2022 में सत्ता बरकरार रखी। 2022 में जाट समाज के चौधरी भूपेंद्र सिंह अध्यक्ष बने। उनके कार्यकाल में 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी 33 सीटों पर सिमटी, हालांकि उपचुनावों में छह सीटें जीतकर नुकसान की भरपाई की कोशिश की गई।


>संगठन के 45 साल में पार्टी ने छह ब्राह्मण, तीन कुर्मी, एक लोधी, एक मौर्य, एक भूमिहार और एक जाट नेता को अध्यक्ष बनाया। नए अध्यक्ष के लिए पंकज चौधरी, बीएल वर्मा, धर्मपाल लोधी, हरीश द्विवेदी और गोविंद शुक्ला के नाम चर्चा में हैं।

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