Sunday, 20 September 2026 | Lucknow | 29°C

यूपी चुनाव 2027: BJP को रोकने के लिए गठबंधन को तैयार ओवैसी, बोले- बात करें

AIMIM प्रमुख ने कहा कि कोई एक दल अकेले BJP को नहीं रोक सकता; पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठन मजबूत करने के लिए अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का दौरा तेज किया है।
Bureau
Bureau News Desk
20 Sep 2026
07:29 PM
1 min read
यूपी चुनाव 2027: BJP को रोकने के लिए गठबंधन को तैयार ओवैसी, बोले- बात करें
हाइलाइट्स
असदुद्दीन ओवैसी ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखा।
उन्होंने कहा कि BJP को रोकने के इच्छुक दल AIMIM से बात कर सकते हैं।
ओवैसी ने कहा कि कोई एक पार्टी अकेले BJP को नहीं रोक सकती।
AIMIM ने उत्तर प्रदेश में संगठन मजबूत करने के लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में दौरे शुरू किए हैं।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो रही हैं। इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संभावित गठबंधन को लेकर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। ओवैसी ने कहा कि यदि कोई दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने से रोकना चाहता है तो वह AIMIM से बातचीत कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक दल के लिए अकेले BJP को रोकना संभव नहीं है।

कानपुर में दिए गए बयान में ओवैसी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को पिछले चुनावों से अलग बताया। उन्होंने AIMIM के संगठन को मजबूत करने और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर स्थानीय मुद्दों को समझने की पार्टी की गतिविधियों की जानकारी भी दी।

ओवैसी ने कहा कि AIMIM उत्तर प्रदेश में BJP की सरकार के लगातार तीसरी बार बनने के पक्ष में नहीं है। उनके अनुसार, जो भी राजनीतिक दल BJP को सरकार बनाने से रोकना चाहता है, वह AIMIM से बातचीत कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP को रोकने के लिए किसी एक पार्टी की कोशिश पर्याप्त नहीं होगी। ओवैसी के मुताबिक, समान उद्देश्य रखने वाले दलों के बीच बातचीत और सहयोग की जरूरत है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं। इससे पहले भी ओवैसी उत्तर प्रदेश में संभावित गठबंधन की संभावना पर सार्वजनिक रूप से बात कर चुके हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावना का संकेत दिया था।

यह खबर भी पढ़े - मेरठ से सहारनपुर तक नितिन नबीन का दौरा, 2 दिन में होंगे कई अहम कार्यक्रम

AIMIM प्रमुख ने गठबंधन को लेकर अपने पिछले अनुभव का उदाहरण बिहार चुनाव के संदर्भ में दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने वहां विभिन्न विपक्षी नेताओं से संपर्क किया था और गठबंधन के लिए सीटों की मांग रखी थी। ओवैसी ने बताया कि AIMIM के अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने आरजेडी और कांग्रेस के अलावा वाम दलों तथा कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं को भी पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने छह सीटें देने का अनुरोध किया था, लेकिन सहमति नहीं बनी। ओवैसी ने इसी संदर्भ को उत्तर प्रदेश में संभावित गठबंधन की चर्चा से जोड़ा और कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन को लेकर बातचीत के लिए तैयार है।

ओवैसी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में AIMIM का संगठन पहले की तुलना में मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व जमीनी स्तर से उभर रहा है और पार्टी के नेता स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन को लेकर बातचीत हो या न हो, AIMIM उत्तर प्रदेश में अपना संगठनात्मक काम जारी रखेगी। पार्टी की ओर से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दौरे और जनसभाएं किए जाने की जानकारी भी ओवैसी ने दी। उन्होंने कहा कि चुनाव की तैयारी के तहत AIMIM के नेता विभिन्न क्षेत्रों में जा रहे हैं और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।

यह खबर भी पढ़े - अखिलेश यादव के पीडीए पर राजभर का हमला, बोले- 'यह ढकोसला'; दलित मुद्दों पर लगाए आरोप

ओवैसी ने बताया कि चुनावी तैयारी के तहत AIMIM ने उत्तर प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है। उनके अनुसार, वह रविवार को कानपुर में थे। इसके बाद छह दिन में श्रावस्ती और उसके बाद आजमगढ़ जाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीन या चार अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। ओवैसी के मुताबिक, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पार्टी के संगठन को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर लोगों के मुद्दों को समझना है।

ओवैसी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को वर्ष 2014, 2017, 2019 और 2022 के चुनावों से अलग बताया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव के सामने अलग तरह की चुनौतियां होंगी। यह बयान उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनावी प्रक्रिया को लेकर AIMIM की तैयारियों के संदर्भ में आया है। जून 2026 में भी AIMIM ने उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारी शुरू करने और संभावित रूप से बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना के संकेत दिए थे। उस समय पार्टी ने गठबंधन की संभावनाओं को भी खुला रखा था।

ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा BJP सरकार के कामकाज को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि BJP ने चुनाव के दौरान किए गए कुछ वादों को पूरा नहीं किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था, बिजली और जमीन विवाद जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। हालांकि ये बातें ओवैसी के राजनीतिक आरोप और दावे हैं; उनके बयान में इन आरोपों के समर्थन में कोई विस्तृत दस्तावेज या आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए गए। ओवैसी ने इससे पहले की समाजवादी पार्टी सरकार और मौजूदा BJP सरकार दोनों के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए कानून-व्यवस्था से जुड़े अपने आरोप दोहराए। उन्होंने दोनों सरकारों के दौरान अलग-अलग तरह की समस्याएं होने का दावा किया।

ओवैसी ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने और मामले में जमानत पाने वाले लोगों को लेकर भी सवाल उठाए। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के संबंध में जून 2026 में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में अगस्त 2026 में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में प्रशासनिक और निगरानी संबंधी खामियों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि शीर्ष स्तर पर वित्तीय अनियमितता का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला। इस मामले में ओवैसी ने अपनी राजनीतिक टिप्पणी के दौरान एसआईटी रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने की मांग उठाई।

ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार लोगों के बीच जाकर स्थानीय समस्याओं को समझने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, जमीनी स्तर पर मौजूद रहने से लोगों की समस्याओं और उनके सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को चुनावी तैयारी के दौरान उठाएगी और संगठन को विधानसभा स्तर तक मजबूत करने पर काम करेगी। AIMIM की उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियां पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं। जून में पार्टी ने बहरेच से अपनी चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की जानकारी दी थी। जुलाई में ओवैसी ने विपक्षी दलों के साथ संभावित गठबंधन की बात भी सार्वजनिक रूप से रखी थी।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों की संगठनात्मक और रणनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। AIMIM की ओर से गठबंधन के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखने का बयान इसी राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल ओवैसी ने किसी विशेष दल के साथ गठबंधन की घोषणा नहीं की है। उनका मौजूदा बयान समान विचार वाले दलों से बातचीत के लिए तैयार रहने तक सीमित है। AIMIM की ओर से उत्तर प्रदेश में जनसभाओं और संगठनात्मक दौरों का सिलसिला जारी रखने की बात कही गई है। आगामी चुनाव में सीटों के बंटवारे या किसी औपचारिक गठबंधन को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित राजनीतिक दलों की आगे की बातचीत और घोषणाओं से स्पष्ट होगी।

Explore Related Topics

यूपी चुनाव 2027 असदुद्दीन ओवैसी ओवैसी गठबंधन AIMIM उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव ओवैसी BJP यूपी राजनीति AIMIM उत्तर प्रदेश ओवैसी कानपुर

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News