>त्तर प्रदेश में गन्ना प्रजातियों के बहुस्थलीय परीक्षण में अब एकरूपता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए गन्ना विकास विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। इसके तहत राज्य की सभी चीनी मिलों में संबंधित गन्ना प्रजातियों की एकसाथ बोआई होगी और जलमग्न क्षेत्रों में भी परीक्षण किए जाएंगे।
>गन्ना आयुक्त मिनिस्त्री एस. ने कहा कि नई किस्मों के मूल्यांकन के लिए तय किए गए मानक और समय सीमा का पालन अनिवार्य है। एसओपी के अनुसार, ट्रायल में भाग लेने वाली चीनी मिलों में सभी प्लाट का आकार समान रखा जाएगा – प्रत्येक प्लाट 4 मीटर × 4 मीटर, जिसमें 6 पंक्तियों में 90 सेंटीमीटर की दूरी पर गन्ना बोया जाएगा।
>नवविकसित गन्ना किस्मों का उपज आंकलन मानक किस्मों के आधार पर किया जाएगा। शरदकालीन बोआई के लिए सितंबर का अंतिम सप्ताह और बसंतकालीन बोआई के लिए मार्च का अंतिम सप्ताह निर्धारित किया गया है। परीक्षणों में दो पौधा फसल और एक पेड़ी फसल के औसत आंकड़ों की तुलना मानक किस्मों से की जाएगी।
>गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम गन्ना उत्पादन और नई किस्मों के मूल्यांकन में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करेगा। शोध परिषद शाहजहांपुर के वैज्ञानिकों की सलाह से तैयार एसओपी का उद्देश्य है कि प्रदेश में विकसित नई गन्ना किस्मों की खेती प्रभावी और लाभकारी बने।
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