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किसानों को मिलेगा उपज का बेहतर बाजार, सितंबर तक एग्रीमॉल खोलने और नई मंडी सुविधाओं के निर्देश

सितंबर तक एग्रीमॉल शुरू करने, 'मंडी हाट पैड' विकसित करने और मंडियों में डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने के दिए निर्देश
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Bureau News Desk
16 Jul 2026
08:43 PM
1 min read
किसानों को मिलेगा उपज का बेहतर बाजार, सितंबर तक एग्रीमॉल खोलने और नई मंडी सुविधाओं के निर्देश
इमेज सोर्स एआई
हाइलाइट्स
गांवों के पास विकसित किए जाएंगे "मंडी हाट पैड",
सितंबर तक एग्रीमॉल शुरू करने के निर्देश,
मंडियों में ई-नाम सहित डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर,
किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था पर फोकस,

उत्तर प्रदेश में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर की मंडियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में सरकार ने नई तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित और सुविधाजनक बाजार उपलब्ध कराने के लिए "मंडी हाट पैड" विकसित किए जाएंगे। साथ ही किसानों को आधुनिक विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एग्रीमॉल का उद्घाटन सितंबर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ये निर्देश प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद मुख्यालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में मंडी परिषद की विभिन्न योजनाओं, निर्माण कार्यों और आधुनिकीकरण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि "मंडी हाट पैड" योजना के तहत ऐसे स्थलों का शीघ्र विकास किया जाए, जहां ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपने गांव या आसपास के क्षेत्र में ही कृषि उपज बेच सकें।

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सरकार का उद्देश्य किसानों के लिए विपणन व्यवस्था को अधिक सुलभ बनाना है, ताकि उन्हें उपज लेकर लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इससे परिवहन लागत और समय दोनों में कमी आने की संभावना है।

समीक्षा बैठक में एग्रीमॉल परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एग्रीमॉल का उद्घाटन आगामी सितंबर तक सुनिश्चित किया जाए।

एग्रीमॉल को किसानों के लिए आधुनिक विपणन सुविधाओं से जोड़ने की योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। बैठक में इसके निर्माण और तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया।

मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने के लिए मंडियों में पारदर्शी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। इसके लिए ई-नाम सहित डिजिटल सेवाओं के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादों के विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।

बैठक में मंडियों में स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, सड़क, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए मंडियों को अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से इन सभी सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

मंत्री ने मंडी परिषद द्वारा संचालित सभी विकास एवं निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, राजस्व संग्रह, मंडियों के आधुनिकीकरण, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा भी की गई।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि मंडी परिषद की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया, ताकि पात्र किसान योजनाओं का लाभ उठा सकें।

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