>उत्तर प्रदेश इस समय एक बार फिर प्रकृति की मार झेल रहा है। राज्य के 21 जिलों के 694 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे हालात बेहद गंभीर बन चुके हैं। बाढ़ ने 373 मकानों को नुकसान पहुंचाया है और 38,615 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और सरकार हर स्तर पर प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में जुटी है।
>आंकड़ों में बाढ़ का प्रकोप:
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694 गांव जलमग्न
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21 जिले, 48 तहसीलें प्रभावित
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1,72,255 लोगों को राहत पहुंचाई गई
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38,615 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू
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373 मकानों को नुकसान, 356 परिवारों को मुआवजा
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20,336 मवेशियों को बचाया गया
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11,386 हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित
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>राहत कार्यों में जुटी हैं ये टीमें:
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NDRF की 14, SDRF की 15, और PAC की 48 टीमें तैनात
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1,196 नावें व मोटरबोटें राहत पहुंचाने में जुटीं
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12,000 खाद्यान्न पैकेट और 1,63,548 लंच पैकेट वितरित
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3,560 क्विंटल भूसा पशुओं के लिए
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1,72,190 क्लोरीन की गोलियां और 1,29,342 ORS पैकेट बांटे गए
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>चिकित्सा और निगरानी के उपाय:
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846 मेडिकल टीमें सतत रूप से स्वास्थ्य परीक्षण में जुटी
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1,277 बाढ़ चौकियां सक्रिय
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959 बाढ़ शरणालयों में 18,772 लोग अस्थायी रूप से रह रहे हैं
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>सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया है। जल शुद्धिकरण, चिकित्सा सहायता और स्वच्छता पर खास ध्यान दिया जा रहा है ताकि महामारी की आशंका को समय रहते टाला जा सके।
>सीएम योगी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को सतर्क रहने और हर प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
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