>उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह निर्णय संगठनात्मक मजबूती और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
>सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस का फैसला समाजवादी पार्टी के साथ उसके संबंधों को प्रभावित नहीं करेगा। सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की तरह अलग-अलग चुनाव लड़ने का मॉडल यूपी में भी अपनाया जा सकता है। कांग्रेस का मानना है कि अकेले मैदान में उतरने से जिला पंचायतों और नगर पंचायतों में उसका जनाधार बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर संगठन सुदृढ़ होगा। पंचायत चुनाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रत्याशियों को 2027 विधानसभा चुनाव में टिकट देने पर विचार किया जा सकता है।
>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, कांग्रेस पार्टी यूपी पंचायत चुनाव अकेले लड़ेगी और परिणामों के आधार पर कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट दिया जाएगा। गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा, जबकि प्रदेश संगठन सभी 403 सीटों पर तैयारी में जुटा है। पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव में 399 सीटों पर उतरी थी, जिसमें उसे 2 सीटें मिली थीं। पंचायत चुनावों में अकेले उतरकर कांग्रेस अपने जनाधार और संभावनाओं का आंकलन करना चाहती है।
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