>दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इन जिलों मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री (ऑनलाइन विक्रय सहित) और उपयोग पर पूर्णत: रोक लगा दी गई है।
>अधिकारियों के अनुसार, आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें पांच साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना लगने का प्रावधान है। पहली बार नियम तोड़ने पर जुर्माना और सजा तय होगी, जबकि दोबारा पकड़े जाने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
>इन जिलों में पटाखों के निर्माण, बिक्री या उपयोग से संबंधित शिकायतें सीधे दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके लिए:
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यूपी 112 डायल करें
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व्हाट्सएप नंबर 7570000100 पर शिकायत भेजें
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7233000100 पर एसएमएस करें
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यूपी 112 के फेसबुक और एक्स अकाउंट पर शिकायत दर्ज करें
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppcb.up.gov.in पर “Public Grievances related to Fire Crackers (NCR-U.P.)” विकल्प चुनें।
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>प्रशासन का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण को देखते हुए पटाखों पर सख्ती जरूरी है। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा और नागरिकों को प्रदूषण से बचाना है।
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