नकल नहीं, अब सिर्फ मेहनत चलेगी

आरओ/एआरओ परीक्षा में नकल माफिया की खैर नहीं: एसटीएफ की नजर, हर कदम पर होगा सुरक्षा का सख्त पहरा
News Desk 22 Jul 2025, 06:51 AM 1 min read
नकल नहीं, अब सिर्फ मेहनत चलेगी


>उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई को आयोजित होने जा रही आरओ/एआरओ परीक्षा 2024 अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि शुचितापूर्ण और नकलमुक्त परीक्षा प्रणाली की साख का इम्तिहान बन चुकी है। योगी सरकार इस परीक्षा को पारदर्शिता और निष्पक्षता का मॉडल बनाने के लिए एसटीएफ, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक मशीनरी को हाई अलर्ट पर रख चुकी है।


>राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली, नकल या संगठित गिरोहों की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील केंद्रों पर एसटीएफ की विशेष निगरानी रहेगी, जबकि गोपनीय दस्तावेज़ों से लेकर उत्तरपुस्तिकाओं तक की सुरक्षा में सशस्त्र बल तैनात रहेंगे। पिछली परीक्षाओं में सक्रिय रहे नकल गिरोह, पुराने आरोपी, कोचिंग संस्थान और सोशल मीडिया ग्रुप एसटीएफ के रडार पर हैं। पुलिस की विशेष इकाइयाँ व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे माध्यमों की गहराई से निगरानी कर रही हैं। एसटीएफ की टीमें संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक कर रही हैं और उनकी सूचना संबंधित एजेंसियों को तत्काल दे रही हैं। अगर कोई भी व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत कठोर कार्रवाई होगी। भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराएं भी इसमें लगाई जाएंगी।


>परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध


    >
  • हर केंद्र पर पुलिस बल और महिला कॉन्स्टेबल तैनात किए गए हैं जो अभ्यर्थियों की गहन तलाशी लेंगे।

  • गोपनीय सामग्री की ट्रेजरी से निकासी से लेकर परीक्षा समाप्ति तक सशस्त्र पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

  • उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा और वितरण के लिए सार्वजनिक और निजी दोनों स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात रहेंगे।


>हर जिले में जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो परीक्षा की संपूर्ण व्यवस्था पर निगरानी रखेंगे और ज़रूरत पड़ने पर त्वरित निर्णय भी लेंगे। इसके अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए नामित किया गया है। परीक्षा के दिन आयोग और एसटीएफ के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए वरिष्ठ स्तर पर एक विशेष अधिकारी की भी तैनाती की जाएगी। इस परीक्षा में प्रदेशभर के 10.76 लाख से अधिक अभ्यर्थी भाग लेने जा रहे हैं। परीक्षा 27 जुलाई को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एक पाली में आयोजित की जाएगी। इसके लिए 2,382 परीक्षा केंद्रों की स्थापना की गई है जो प्रदेश के सभी 75 जनपदों में फैले हैं।

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