प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में सुरक्षा ऑडिट और जोखिम मूल्यांकन कराने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया के तहत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, माध्यमिक तथा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों सहित कुल 1,40,555 विद्यालयों की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाएगा।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से इस कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से चयनित संस्था के साथ शुक्रवार को अनुबंध किया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चयनित सेवा प्रदाता संस्था विद्यालयों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के आधार पर विस्तृत मूल्यांकन करेगी।
सुरक्षा ऑडिट के दौरान विद्यालय भवनों की संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा उपायों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन की तैयारियों, स्वच्छता सुविधाओं तथा प्रवेश एवं निकास मार्गों की स्थिति की जांच की जाएगी। इसके अलावा परिसर में मौजूद संभावित सुरक्षा जोखिमों की पहचान भी की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक मूल्यांकन के दौरान सामने आने वाली कमियों और जोखिमों के आधार पर प्रत्येक विद्यालय के लिए विस्तृत सुझाव तैयार किए जाएंगे। इन सुझावों के माध्यम से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
सरकार का यह कदम प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालयों में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें