वोटिंग का नया नियम आया : एक बूथ पर अब सिर्फ 1200 वोटर

अब एक बूथ पर सिर्फ 1200 वोटर, निर्वाचन आयोग ने सख्ती से दिया सुधार का निर्देश
News Desk 17 Jul 2025, 01:45 AM 1 min read
वोटिंग का नया नियम आया : एक बूथ पर अब सिर्फ 1200 वोटर


>लखनऊ - उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी अब धरातल पर उतरने लगी है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से लेकर मतदान केंद्रों तक की व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए कई सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में बुधवार को लखनऊ में हुई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण बैठक में यह बातें सामने आईं।


>बैठक में प्रदेश के 31 जिलाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें निर्वाचन प्रक्रिया की बारीकियों के साथ-साथ मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया।


>अब एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता


>निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी मतदान केंद्र (बूथ) पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि इससे न केवल भीड़-भाड़ कम होगी, बल्कि मतदाताओं को मतदान में सहूलियत भी मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि "मतदाता सूची में किसी प्रकार की गड़बड़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"


>फोटो सहित शुद्ध वोटर लिस्ट अनिवार्य


>मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक मतदाता की पहचान साफ-सुथरी फोटो के साथ सूची में दर्ज होनी चाहिए। इसके लिए बीएलओ (BLO) को जमीनी स्तर पर कड़ी निगरानी और ज़िम्मेदारी दी गई है।


>डिजिटल तकनीक और ऐप्स से मॉनिटरिंग


>बैठक में BLO ऐप, ERO-Net और EPIC वितरण जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी टूल्स की जानकारी दी गई। इनका उपयोग कर चुनाव प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) समय से घर-घर पहुंचाने का भी स्पष्ट निर्देश दिया गया।


>मतदान केंद्रों को मिलेगा नया रूप


>पोलिंग स्टेशनों के चयन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया ताकि मतदान स्थल ऐसे क्षेत्रों में बनें जहां पहुंचना सुगम हो और ज्यादा से ज्यादा मतदाता मतदान में हिस्सा ले सकें। साथ ही, इन केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे शौचालय, पेयजल, रैम्प आदि सुनिश्चित किए जाएंगे।


>नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता


>ERO (Electoral Registration Officer) को ट्रेनिंग दी जाएगी कि वे नामांकन फॉर्म की सही जांच कैसे करें और दस्तावेजों की प्रामाणिकता की पुष्टि कैसे हो। यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को और मज़बूत बनाएगा।

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