>उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बैंकॉक में आयोजित 47वें पैसिफिक एशिया ट्रैवल एसोसिएशन (PATA-2025) के मंच पर राज्य की बौद्ध धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को भव्यता से प्रस्तुत कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “Embark on Your Bodhi Yatra in Uttar Pradesh” थीम पर आधारित यूपी का पवेलियन पूरे आयोजन का आकर्षण केंद्र बना।
>तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन (26-28 अगस्त) में थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह ने यूपी पवेलियन का उद्घाटन किया। यहां सैकड़ों विदेशी प्रतिनिधियों, टूर एंड ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स और मीडिया ने भाग लिया। इस दौरान यूपी पर्यटन ने अपने बौद्ध सर्किट के प्रमुख स्थलों—सारनाथ, कपिलवस्तु, संकिसा, कौशाम्बी, श्रावस्ती और कुशीनगर—को आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ प्रदर्शित किया।
>पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर पर्यटक की बोधि यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू हो। PATA-2025 ने इस लक्ष्य को और मजबूत किया है। विदेशी आगंतुकों को विशेष तौर पर ‘बुद्धा राइस’ (काला नमक चावल) भेंट कर यूपी ने अपनी कृषि-सांस्कृतिक पहचान भी साझा की।”
>सम्मेलन के दौरान 20 को-एग्जीबिटर्स ने B2B बैठकें कीं और नए साझेदारी समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। यह आयोजन न सिर्फ वैश्विक स्तर पर यूपी की ब्रांडिंग का माध्यम बना, बल्कि स्थानीय समुदायों, कारीगरों और सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी नए अवसर खोले।
>बैंकॉक में भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित भव्य रोड शो ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। यहां उत्तर प्रदेश के पर्यटन अनुभवों, बौद्ध धरोहरों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर आईआरसीटीसी की समूह महाप्रबंधक (पर्यटन) प्रोमिला गुप्ता और भारतीय दूतावास की वाणिज्य प्रमुख जगप्रीत कौर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
>प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा, “PATA-2025 में मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में वैश्विक बौद्ध पर्यटन का केंद्र बनेगा। यह पहल न केवल विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगी बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को भी सशक्त करेगी।”
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