>उत्तर प्रदेश में स्कूलों में वंदे मातरम् अनिवार्य किए जाने के फैसले पर शुरू हुई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा तंज कसने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी में मंच से कड़ा पलटवार किया।
>सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो वंदे मातरम् का विरोध करते हैं, वे भारत माता का विरोध करते हैं। ऐसे चेहरों को पहचानना होगा। ये वही लोग हैं जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने सबसे आगे खड़े रहते हैं, लेकिन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की बात आती है तो पीछे हट जाते हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज भी कुछ लोग हिंदुस्तान में रहकर, यहीं की रोटी खाकर, यहीं की हवा में सांस लेकर भी वंदे मातरम नहीं बोलते। हम उनकी मंशा भली-भांति समझते हैं।
>बाराबंकी में ₹1,734 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय भावना पर जोर देते हुए कहा हम जिएंगे तो देश के लिए, मरेंगे तो देश के लिए। राष्ट्र सर्वोपरि है, व्यक्तिगत दुश्मनी या मित्रता इससे ऊपर नहीं हो सकती। उन्होंने किसानों का सम्मान करते हुए कहा कि सरकार रामसनेही घाट क्षेत्र में 232 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रही है, जिससे रोजगार और विकास को नई गति मिलेगी।
>प्रदेश सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया है कि यूपी के सभी स्कूलों में वंदे मातरम का सामूहिक गायन अनिवार्य होगा। इस पर अखिलेश यादव ने टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बन गया।
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