>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की कान्हा गोशाला में गोवंशों की उपेक्षा और अमानवीय हालात पर सख्त रुख अपनाते हुए नगर विकास विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वायरल वीडियो के बाद उठाए गए इन तेज़ कदमों ने सरकारी मशीनरी में हलचल मचा दी है।
>सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें गोशाला में गोवंश दयनीय स्थिति में दिखे। वीडियो सामने आते ही नगर निगम की टीम ने मौके पर जांच की, जिसमें भयंकर लापरवाही उजागर हुई। यही नहीं, विभिन्न स्तरों पर झूठे दावे, फर्जी हाजिरी और रिकॉर्ड गड़बड़ी भी सामने आई।
कड़ी कार्रवाई: अफसरों पर गिरी गाज
- दो आउटसोर्सिंग फर्मों — जैन कंप्यूटर्स और शिवम इंटरप्राइजेज — पर पशु क्रूरता अधिनियम, 1960 के तहत FIR दर्ज
- पशु चिकित्साधिकारी हरपाल सिंह, केयरटेकर, और लिपिक विकास शर्मा निलंबित
- सहायक नगर आयुक्त शरद पाल से गोषाला प्रभार छीना गया, नई जिम्मेदारी पंकज कुमार सिंह को सौंपी गई
- डॉ. गजेंद्र को हटाकर डॉ. अमर सिंह को नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किया गया
गोषाला में सुधार के लिए उठाए गए ठोस कदम:
- 12 CCTV कैमरे लगाए गए निगरानी के लिए
- फेस रिकग्निशन सिस्टम से हाजिरी सुनिश्चित
- फर्श निर्माण कार्य शुरू, शेड अपग्रेडेशन प्रगति पर
- 6 होमगार्ड व 50 कर्मचारी दो शिफ्टों में तैनात
- ट्रॉमा सेंटर में तत्काल उपचार व्यवस्था
- 15,000 वर्ग मीटर भूमि गोशाला विस्तार के लिए चिन्हित
पहले भी दिए गए थे चेतावनी पत्र
>जांच में पाया गया कि दोनों फर्मों को पूर्व में भी मौखिक और लिखित चेतावनियां दी जा चुकी थीं। बावजूद इसके स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे स्पष्ट है कि लापरवाही जानबूझकर की जा रही थी। अब इन फर्मों की भूमिका की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सीएम योगी ने कहा है कि “गायों की सेवा और रक्षा हमारी संस्कृति व नीति का अभिन्न हिस्सा है।” उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि प्रदेश भर की सभी गोशालाओं की समीक्षा की जाए और जहां कहीं भी खामी हो, वहां त्वरित सुधार हो।
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