>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मालेगांव मामले में सच्चाई सामने आने के बाद कांग्रेस की साजिश बेनकाब हो गई है। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही 'भगवा आतंकवाद' जैसा मिथ्या शब्द गढ़कर करोड़ों सनातन आस्थावानों, साधु-संतों और राष्ट्रसेवकों की छवि को कलंकित किया। उन्होंने कांग्रेस से इस अक्षम्य अपराध के लिए सार्वजनिक रूप से देश से माफी मांगने की मांग की।
>इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भाजपा की संगठनात्मक बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, "मालेगांव ब्लास्ट केस में सभी आरोपियों का निर्दोष सिद्ध होना 'सत्यमेव जयते' की सजीव उद्घोषणा है।" उन्होंने कोर्ट के इस फैसले को कांग्रेस के भारत विरोधी, न्याय विरोधी और सनातन विरोधी चरित्र को फिर से उजागर करने वाला बताया।
>योगी ने यह भी कहा कि विपक्ष 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे मामलों पर दुष्प्रचार कर देश विरोधी ताकतों की ढाल बन रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने भगवा को आतंकवाद का प्रतीक बताकर देश की आस्था को चोट पहुंचाई, उनका असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है।
>मुख्यमंत्री का यह हमला मालेगांव मामले में एक गवाह के सनसनीखेज खुलासे के बाद आया है। गवाह मिलिंद जोशी ने बताया कि उन पर तत्कालीन सरकार द्वारा योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को फंसाने का दबाव डाला गया था। जोशी ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारियों ने उन्हें कई दिनों तक हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया, ताकि वे इन नेताओं का नाम लें।
>मालेगांव ब्लास्ट मामले के तत्कालीन जांच अधिकारी महबूब मुजावर ने भी स्वीकार किया कि तत्कालीन सरकार हिंदुत्व की राजनीति को खत्म करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि केस को इस तरह पेश किया गया, जिससे 'भगवा आतंकवाद' का नैरेटिव स्थापित किया जा सके। इस खुलासे ने पूरे मामले की जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और कांग्रेस की मंशा पर संदेह पैदा किया है।
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