>उत्तर प्रदेश इस वर्ष 21 जून को 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक नई ऊर्जा और व्यापक तैयारी के साथ मनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता और नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रदेश भर में 100 से अधिक योग पार्क स्थापित कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो न केवल योग दिवस तक सीमित रहेगी, बल्कि पूरे वर्ष स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देगी।
स्थायी समाधान, सतत स्वास्थ्य
>नगर विकास विभाग द्वारा स्थापित ये योग पार्क “वन अर्थ, वन हेल्थ” की थीम पर आधारित हैं। इनमें न केवल योगाभ्यास की व्यवस्था की गई है, बल्कि स्वच्छ पेयजल, बैठने की सुविधा और प्रशिक्षकों की उपलब्धता जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
>इन पार्कों को इस तरह विकसित किया गया है कि स्थानीय लोग वर्षभर स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों में भाग ले सकें। योग अब केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनने जा रहा है।
योग पार्कों की भव्य श्रृंखला
>लखनऊ: गुलाब पार्क, स्वर्ण जयंती पार्क, झंडे वाला पार्क और ईडी पार्क समेत 9 प्रमुख स्थानों को योग केंद्रों के रूप में तैयार किया गया है।
>वाराणसी: शहीद उद्यान, नमो घाट, अस्सी घाट सहित कई स्थानों पर योग सत्र आयोजित होंगे।
>आगरा: बाल्केश्वर पार्क, कालिंदी पार्क जैसे प्रमुख स्थल योग पार्क में बदले गए हैं।
>कानपुर: नाना राव पार्क और बुद्धा पार्क को योग गतिविधियों के लिए समर्पित किया गया।- झांसी: सर्वाधिक 12 योग पार्क बनाए गए हैं।
- गाज़ियाबाद: 10 योग पार्क तैयार किए गए हैं।
स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय
>नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात के निर्देश पर जिला अधिकारियों और नगर आयुक्तों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन पार्कों में आवश्यक सुविधाएं समय से पहले पूरी हो जाएं ताकि योग दिवस पर किसी प्रकार की असुविधा न हो।
योग से लोककल्याण तक
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का उद्देश्य केवल एक भव्य आयोजन नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में योग को शामिल कर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाना है। यह स्वास्थ्य और जीवनशैली के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को ‘योग राज्य’ के रूप में स्थापित कर सकता है।
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