>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में नवचयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरित कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब भ्रष्टाचार और सिफारिश का दौर समाप्त हो चुका है। सीएम ने कहा कि पिछली सरकारें अभ्यर्थियों से घूस लेकर भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार की दलदल में डुबोती थीं। आज की निष्पक्ष व पारदर्शी प्रणाली के चलते यूपी में रोजगार का वातावरण पूरी तरह से बदल चुका है।
>"जब व्यक्ति बेईमानी और भ्रष्टाचार का सहारा लेता है तो उसका नैतिक पतन होता है, और वह आंख उठाकर बात भी नहीं कर पाता", सीएम ने कठोर शब्दों में कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब यूपी में हर क्षेत्र में नौकरियों की बौछार हो रही है।
>सीएम योगी ने उद्घाटन समारोह में नवचयनित 11 अनुदेशकों को व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई सिफारिश नहीं, केवल योग्यता और ईमानदारी से ही चयन हुआ है।
>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "वोकल फॉर लोकल" अभियान का समर्थन करते हुए सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं रहकर उद्यमिता और कौशल विकास के क्षेत्र में भी नए द्वार खुले हैं। प्रदेश में पिछले आठ वर्षों में 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है। इनमें से 14 लाख युवाओं ने यूपी कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
>सीएम ने यह भी बताया कि यूपी अब भारत का विकास इंजन बन चुका है। 2017 से पहले जो राज्य आर्थिक दृष्टि से पीछे था, आज वह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। विकास दर के मामले में यूपी सबसे तेज़ बढ़ता प्रदेश बन चुका है।
>मुख्यमंत्री ने नवचयनित युवाओं से कहा कि वे न केवल अपने कौशल को और निखारें, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रशिक्षित करें ताकि प्रदेश में वैश्विक मार्केट के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध हो।
>साथ ही, सरकार ने हर आईटीआई में करियर काउंसलिंग सेल खोलने का निर्देश भी दिया ताकि छात्रों को प्रारंभ से ही सही मार्गदर्शन मिल सके।
>सीएम योगी ने यह स्पष्ट किया कि समय पर लिया गया सही कदम ही संकट का हल बनता है। यूपी में आज हर हाथ को काम मिल रहा है, और हर युवा आत्मनिर्भर बन रहा है।
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