>बाराबंकी। मिशन शक्ति अभियान के तहत बेटियों को सशक्त और आत्मविश्वासी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार का दिन खास रहा। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा आंचल को एक दिन के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की जिम्मेदारी सौंपी गई।
>सुबह 10 बजे आंचल कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय की कुर्सी पर बैठीं, तो माहौल पूरी तरह बदल गया। स्कूल ड्रेस में आई आंचल ने बड़ी गंभीरता से आम जनता और महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जब महिलाओं ने प्रार्थना पत्र सौंपे, तो उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को समस्या निस्तारण के निर्देश दे दिए। उनके आत्मविश्वास और निर्णायक अंदाज को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
>इस दौरान डीएम शशांक त्रिपाठी लगातार आंचल के साथ मौजूद रहे और औपचारिक प्रक्रियाओं तथा प्रशासनिक कार्यवाहियों की जानकारी दी। डीएम ने कहा, “बेटियां समाज की सबसे बड़ी धरोहर हैं। उनके बिना समाज की कल्पना अधूरी है। मिशन शक्ति केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और अवसर देने का सतत अभियान है।”
>आंचल के लिए यह दिन किसी सपने के सच होने जैसा रहा। डीएम की कुर्सी पर बैठकर उन्होंने न केवल समस्याएं सुनीं, बल्कि आत्मविश्वास और निर्णायक क्षमता के साथ फैसले भी लिए।
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