>लखनऊ, 30 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूती देने वाला मिशन शक्ति 5.0 अभियान नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। वाराणसी की रहने वाली ज्योति सिंह इस अभियान की जमीनी क्रांति की प्रतीक बनकर सामने आई हैं। मार्शल आर्ट्स के माध्यम से लाखों बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली ज्योति सिंह ने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में प्रेरणास्त्रोत का दर्जा हासिल किया है।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 सितंबर को मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत करते हुए महिलाओं की गरिमा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। इस अभियान की भावना को जमीनी स्तर पर साकार कर रही हैं ज्योति, जिनकी मेहनत और समर्पण ने महिलाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान दी है।
>महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग के साथ जुड़कर किया योगदान
>मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग से जुड़कर ज्योति सिंह ने मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक और समाजसेवी के रूप में अपनी पहचान बनाई। 2012 में झांसी में ब्लैक बेल्ट प्राप्त करने के बाद उन्होंने लड़कियों को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण देना शुरू किया। मिशन शक्ति के पहले चरण से जुड़ने के बाद उनकी यह यात्रा और भी मजबूत हुई। वर्तमान में वे थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट धारक हैं और अपनी संस्था ‘मानव एकेडमी ऑफ मार्शल आर्ट’ के माध्यम से 1 लाख से अधिक बालिकाओं को आत्मविश्वास और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रही हैं।
>ज्योति सिंह बताती हैं, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मिशन शक्ति अभियान यूपी की महिलाओं में नया आत्मविश्वास और स्वावलंबन जगाने का माध्यम बन रहा है। आज बेटियां न केवल अपने अधिकार समझ रही हैं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए भी सशक्त हो रही हैं। सेल्फ डिफेंस अब उनके लिए सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि जीवन की कुंजी बन गई है।"
>खेल जगत में अद्वितीय उपलब्धियां
>ज्योति सिंह ने खेलों में भी अपनी उत्कृष्टता साबित की है। उन्होंने लगातार चार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजेता रहकर देश में अपनी पहचान बनाई। 2018 और 2019 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी धाक जमाई। 2020 से 2024 तक मानव वंदनसेवी ऑफ मार्शल आर्ट्स द्वारा उन्हें बेस्ट कोच चुना गया। 2023 में भारतीय कराटे संघ ने उन्हें मान्यता प्राप्त कोच के रूप में सम्मानित किया और 2025 में उन्हें थर्ड डैन ब्लैक बेल्ट प्रदान किया गया।
>सम्मान और पहचान
>ज्योति सिंह को उनके योगदान के लिए योगी सरकार और अन्य संस्थानों द्वारा भी सम्मानित किया गया। 2019 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सम्मानित किया, वहीं मानव वंदनसेवी ऑफ मार्शल आर्ट्स ने बेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का खिताब दिया। 2024 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भी उन्हें विशेष सम्मान से नवाजा। 2025 में जिला प्रशासन झांसी ने उन्हें एक दिन के लिए अधिकारी नियुक्त कर सम्मानित किया।
>बालिकाओं और महिलाओं में जागृत किया आत्मविश्वास
>2021 से ज्योति सिंह झांसी और आसपास के जिलों में बालिकाओं को व्यावहारिक सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण दे रही हैं। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और बाल सुधार गृह तक वे जाकर ‘बेटी है तो बचेगी’ और ‘पावर एंजल्स’ जैसे अभियानों से महिलाओं को सशक्त बना रही हैं। उनका मानना है कि आत्मरक्षा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की कुंजी है और हर लड़की को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना चाहिए।
>मिशन शक्ति 5.0 ने उत्तर प्रदेश को महिलाओं के सशक्तिकरण में अग्रणी राज्य बना दिया है। ज्योति सिंह जैसी महिलाएं इस अभियान की रीढ़ हैं, जो नारी सुरक्षा और स्वावलंबन की राह पर चलते हुए लाखों जीवन बदल रही हैं। उनकी कहानी साबित करती है कि योगी सरकार का विजन जमीनी हकीकत में बदल रहा है।
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