>बाराबंकी। घुंघटेर थाना क्षेत्र के दादरा गांव में सड़क किनारे मिला युवक का शव किसी सड़क हादसे का नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध हत्या का मामला निकला। इस हत्याकांड का खुलासा किसी गवाह या तकनीकी जांच से नहीं, बल्कि मृतक के 8 वर्षीय बेटे की सच्चाई ने किया। जब पुलिस ने बच्चे से प्यार से बात की, तो उसने मासूमियत में कह दिया — “पापा को मम्मी और अंकल ने मारा है।”
>यह एक ऐसी कहानी है, जिसमें झूठ, प्यार और साजिश की परतें एक-एक करके खुलती गईं, और अंततः वह महिला जिसे अपने पति के साथ होना चाहिए था, उसी के कत्ल की साजिश रच चुकी थी।
>एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मृतक हनुमंतलाल (35) सोमवार को पत्नी पूजा गौतम और बेटे के साथ लखनऊ के डालीगंज स्थित ससुराल गया था। वहां से परिवार के साथ देवा मेला देखने निकले। अगले दिन ग्रामीणों को सड़क किनारे हनुमंतलाल का शव मिला।मौके पर उसकी बाइक पड़ी थी, लेकिन पत्नी गायब थी। कुछ देर बाद पूजा पहुंची और बताया कि रात में मेले से लौटते वक्त बेटे को लघुशंका लगी, तभी सफेद बाइक सवार ने टक्कर मार दी जिससे पति की मौत हो गई।
>लेकिन पुलिस को घटनास्थल देखकर शक हुआ। शरीर पर लगी चोटें हादसे से मेल नहीं खा रही थीं। इसी बीच पुलिस ने बच्चे से प्यार से बातचीत की, और उसने सच्चाई उगल दी — “मम्मी और अंकल ने पापा को मारा।” जांच में पुलिस को पता चला कि पूजा गौतम का अपने ही परिवार के भतीजे से अवैध संबंध था। जब पति को इस बात की भनक लगी, तो दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। इससे तंग आकर पूजा ने पति से हमेशा के लिए छुटकारा पाने की योजना बनाई।
>इसी दौरान लखनऊ में उसकी मुलाकात ई-रिक्शा चालक कमलेश पुत्र मूलचंद्र से हुई। पूजा ने कमलेश को एक लाख रुपये में पति की हत्या करने का प्रस्ताव दिया। 13 अक्टूबर की रात पूजा ने अपने पति और बेटे के साथ देवा मेला घूमने का प्लान बनाया और वापसी में कमलेश का ई-रिक्शा बुक किया। रात करीब 11 बजे ताहीरपुर मोड़ पर दोनों ने मिलकर हनुमंतलाल के सिर पर लोहे की सरिया से वार कर उसकी हत्या कर दी। फिर शव को सड़क किनारे फेंक दिया और कहानी बनाई कि यह सड़क हादसा था।
>घुंघटेर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में 24 घंटे के अंदर मामला सुलझ गया। पुलिस ने पूजा गौतम और कमलेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त ई-रिक्शा और लोहे की सरिया बरामद कर ली गई है। एएसपी ने बताया कि इस केस के खुलासे में बच्चे की सच्चाई और पुलिस टीम की संवेदनशीलता ने अहम भूमिका निभाई। खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
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