लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से 15 जून को लापता हुई मासूम बच्ची को सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी और उसकी मंशा बच्ची को बेचने की थी। हालांकि ग्राहक नहीं मिलने के कारण बच्ची आरोपी के पास ही रही, जहां से उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक बच्ची के लापता होने के बाद जीआरपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच शुरू की। जांच के दौरान सर्विलांस टीम को भी लगाया गया और रेलवे स्टेशन से लेकर आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में लगे करीब 450 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसी क्रम में पुलिस को आरोपी महिला तक पहुंचने में सफलता मिली।
जांच अधिकारियों के अनुसार बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और संभावित मार्गों पर लगे कैमरों की फुटेज को क्रमवार खंगाला। लगातार कई दिनों तक चली जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया और उसके ठिकाने तक पहुंच गई।
पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बच्ची का आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जीआरपी के अनुसार शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी महिला बच्ची को बेचने की योजना बना रही थी। हालांकि अभी तक उसे कोई खरीदार नहीं मिला था। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करीब 15 दिन बाद मासूम के सुरक्षित मिलने पर उसके माता-पिता भावुक हो गए। उन्होंने जीआरपी और जांच टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस के प्रयासों की बदौलत उनकी बेटी सकुशल वापस मिल सकी।
जीआरपी पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्रा ने बताया कि बच्ची की तलाश और बरामदगी के लिए गठित टीम ने लगातार मेहनत की। सर्विलांस और तकनीकी जांच के साथ विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर आरोपी तक पहुंचा गया। उन्होंने बताया कि इस सफल अभियान में शामिल पुलिस टीम को सराहनीय कार्य के लिए 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
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