>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर साफ संदेश दिया है कि शासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 की प्रगति की समीक्षा के दौरान परती भूमि विकास विभाग के चार परियोजना प्रबंधकों और तीन अवर अभियंताओं की लापरवाही सामने आने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
>मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को निर्देशित किया है कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं होता है, तो भविष्य में और भी कठोर कार्रवाई की जाए।
कहाँ-कहाँ के अफसरों पर गिरी गाज?
>राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी के मुख्य कार्याधिकारी जीएस नवीन के अनुसार, परियोजना प्रबंधकों और अवर अभियंताओं से योजनाओं के डीपीआर के अनुसार पिछले पांच वर्षों के कार्यों का ब्यौरा मांगा गया था। लेकिन वे विवरण देने में विफल रहे, न ही वे वर्तमान वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत कर सके।
>मुख्यमंत्री योगी ने इसे बेहद गंभीर लापरवाही मानते हुए तुरंत एक्शन लिया। इन अधिकारियों को कार्यों में सुस्ती और अनुत्तरदायित्व के कारण प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
जिन अधिकारियों को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टि:
परियोजना प्रबंधक:
- सुरेंद्र प्रताप सिंह – प्रयागराज
- संजय कुमार – महोबा
- देवेंद्र सिंह निरंजन – चित्रकूट कर्वी (।।)
- चमन सिंह – प्रतापगढ़
अवर अभियंता:
- विश्वजीत यादव – प्रयागराज
- दिनकर – प्रतापगढ़ प्रथम भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय
- आशीष कुमार यादव – प्रतापगढ़
सरकार का साफ संदेश: सुधार नहीं तो सख्त कार्रवाई तय
>सीएम योगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि विभागीय कार्रवाई के बाद भी इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होता, तो आगे निलंबन या सेवा समाप्ति जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें