सुबह-सुबह आईटीआई पहुंचे डीएम, खुल गई लापरवाही की पोल

उपस्थिति व्यवस्था में मिली अनियमितताएं, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अनुशासन सुधारने के दिए निर्देश।
Bureau 06 May 2026, 10:26 PM 1 min read
सुबह-सुबह आईटीआई पहुंचे डीएम, खुल गई लापरवाही की पोल

 

जनपद के शासकीय संस्थानों में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बुधवार सुबह आईटीआई जहांगीराबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संस्थान की उपस्थिति व्यवस्था, प्रशिक्षण संचालन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय पहुंचकर उपस्थिति रजिस्टर और बायोमेट्रिक हाजिरी की गहन जांच की। जांच में आईटीआई के नोडल प्रधानाचार्य आशुतोष सिंह सहित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बनीकोडर और सिरौलीगौसपुर केंद्रों के कुल 40 से अधिक कार्मिक निर्धारित समय के बाद उपस्थित पाए गए। समयपालन में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासकीय संस्थानों में जवाबदेही और समयपालन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपस्थिति व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और नियमित बनाया जाए ताकि संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

 

निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए और प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक तथा रोजगारोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाना है, इसलिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

 

इसके बाद जिलाधिकारी ने संस्थान परिसर का व्यापक भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में संचालित टाटा मोटर्स प्रशिक्षण केंद्र का भी अवलोकन किया और उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रणाली को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। साथ ही आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग और प्रशिक्षण व्यवस्था में निरंतर सुधार पर जोर दिया।

 

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि कौशल विकास संस्थान युवाओं के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। ऐसे संस्थानों में अनुशासन, गुणवत्ता और परिणामपरक प्रशिक्षण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान की सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से दुरुस्त कराया जाए ताकि जनपद के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। 

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