प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 313.12 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
ईडी के अनुसार यह कार्रवाई अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (APIL) और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। जांच में वित्तीय अनियमितताओं और होमबायर्स से जुटाई गई राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
अटैच की गई संपत्तियों में आगरा स्थित लगभग 9.08 हेक्टेयर में फैली आवासीय जमीन शामिल है। ईडी के मुताबिक यह कदम उन मामलों से जुड़ा है जिनमें कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, साजिश और जालसाजी जैसे आरोपों को लेकर 278 एफआईआर दर्ज की गई थीं।
जांच मुख्य रूप से लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी प्रोजेक्ट से संबंधित मामलों पर केंद्रित है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि परियोजना से जुड़े कई खरीदारों को फ्लैट नहीं दिए गए और उनसे एकत्र की गई धनराशि का कथित रूप से अन्य गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।
ईडी की जांच के अनुसार ग्राहकों से लगभग 1,234.92 करोड़ रुपये अग्रिम राशि के रूप में लिए गए थे, जिनमें से करीब 921.80 करोड़ रुपये ही परियोजना से संबंधित परिसंपत्तियों के निर्माण में उपयोग किए गए। शेष लगभग 313.12 करोड़ रुपये को अन्य गतिविधियों में लगाए जाने और कथित रूप से डायवर्ट किए जाने की बात सामने आई है। ईडी के अनुसार यह कार्रवाई होमबायर्स के हितों की सुरक्षा और परियोजनाओं में व्यवधान रोकने के उद्देश्य से की गई है।
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