>देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने टिकाऊ और स्मार्ट अवसंरचना की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। एयरपोर्ट परिसर में अब अत्याधुनिक स्मार्ट लाइटिंग सॉल्यूशन लागू कर दिया गया है, जिसके जरिए न केवल यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि ऊर्जा खपत में भी 70% तक की बचत संभव हो सकेगी।
>यह नई प्रणाली पैनाइटेक स्मार्ट एनर्जी के समाधान पर आधारित है, जिसे टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (ईपीसी ठेकेदार) ने सिग्निफाई इनोवेशन्स इंडिया लिमिटेड के सहयोग से लागू किया है। इसमें फोटोसेंसिंग और डायनेमिक डिमिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण लाइटें केवल तभी और वहीं जलेंगी, जहां और जब उनकी ज़रूरत होगी। इससे अनावश्यक ऊर्जा खर्च पर रोक लगाई जा सकेगी और संचालन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
>विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्मार्ट तकनीक न केवल ऊर्जा की बचत करती है, बल्कि 50% तक रखरखाव खर्च घटाती है और लाइट फिक्स्चर्स की उम्र भी दोगुनी कर देती है। इसके अलावा, इसमें रिमोट मॉनिटरिंग और फॉल्ट अलर्ट जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे प्रबंधन और आसान हो जाता है।
>इस स्मार्ट व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि यह सेंसर के जरिए वाहनों और ट्रैफिक की मात्रा का पता लगाती है और उसी अनुसार प्रकाश की तीव्रता तय करती है। इससे व्यस्त समय पर पर्याप्त रोशनी मिलती है, जबकि खाली क्षेत्रों में ऊर्जा की खपत अपने आप कम हो जाती है। इस प्रणाली के तहत कुछ चुनिंदा स्थानों पर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंसर भी लगाए गए हैं। ये सेंसर PM1.0/2.5/4/10, VOCs, NOx, तापमान और आर्द्रता को मापकर एयरपोर्ट की सुविधा टीम को वास्तविक समय में डेटा उपलब्ध कराते हैं। सभी उपकरणों की सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग और ट्यूनिंग संभव होगी, जिससे सिस्टम का रखरखाव बेहद आसान और डाउनटाइम न्यूनतम रहेगा।
>नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) निकोलस शेंक ने कहा – "हमारा लक्ष्य है ज़रूरत पड़ने पर उतनी ही रोशनी उपलब्ध कराना जितनी ज़रूरी हो। यह तकनीक न केवल ऊर्जा की खपत घटाती है बल्कि हमारी संचालन टीमों को वास्तविक समय में नियंत्रण देती है और यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाती है।"
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