>राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र में ठेकेदार उमा शंकर सिंह की हुई हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। लेन-देन, अपमान और आपसी रंजिश के चलते चार लोगों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
>पुलिस ने शुक्रवार सुबह क्राइम ब्रांच और गुडंबा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बेहटा फ्लाईओवर के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ जिले के निवासी हैं।
मास्टरमाइंड बना पुराना लेन-देन और अपमान का बदला
गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:
- संजय कुमार चौहान (शिवगढ़, सुल्तानपुर)
- उसका भाई शिवा सिंह
- कविनंदन (आशापुर, प्रतापगढ़)
- उसका भाई अभिनंदन
>पुलिस पूछताछ में संजय ने बताया कि उसके भाई ने एक साल पहले उमा शंकर से 60 लाख रुपये उधार लिए थे। पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में उमा शंकर उनके साथ गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार करने लगे। वे उन्हें नौकरों की तरह ट्रीट करते थे। इसी अपमान और गुस्से के चलते चारों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।
शराब पार्टी के बाद की गई चापड़ से हत्या
>घटना की रात उमा शंकर के फ्लैट पर शराब पार्टी हुई। उनके रंगीन मिजाज का फायदा उठाकर हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया। वैशाली नाम की महिला, जो उमा शंकर की करीबी मानी जाती है, उस रात उनके फ्लैट पर आई थी और देर रात चली गई थी। उसी समय चारों ने चुपचाप चापड़ से उमा शंकर का गला काटकर हत्या कर दी और बाहर से ताला लगाकर निकल गए।
साक्ष्य बरामद: बैग से मिला खून से सना कुर्ता और हथियार
>पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अतरौली गांव की झाड़ियों से एक बैग बरामद किया, जिसमें खून से सना कुर्ता और हत्या में प्रयुक्त चापड़ मिला। हत्या को महिला मित्र वैशाली के ऊपर फंसाने की भी साजिश रची गई थी, ताकि शक उसी पर जाए।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और फ्लैट की कहानी
>46 वर्षीय उमा शंकर सुल्तानपुर के भरखरे गांव के निवासी थे और लखनऊ के अर्जुन एन्क्लेव में किराए पर रहते थे। उनके दो विवाह हुए थे, पहली पत्नी रेणु सिंह गांव में रहती हैं और दूसरी पत्नी ममता सुल्तानपुर में। दोनों से उन्हें संतानें हैं।
>घटना की सूचना मकान में चाबी से प्रवेश करने के बाद वैशाली ने दी थी। मकान मालिक मोहम्मद मुस्तकीम ने बताया कि उमा शंकर उनके मकान में दो महीने पहले ही किराए पर आए थे और अकेले रहते थे।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें