खाद और सिंचाई के लिए पानी की समस्या को लेकर किसानों ने सोमवार को लखनऊ में पैदल मार्च निकाला। किसानों ने परिवर्तन चौक से जन भवन तक मार्च कर घेराव करने का आह्वान किया था। बड़ी संख्या में किसान इस मार्च में शामिल हुए और खेती के लिए समय पर पानी तथा पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में कई इलाकों की नहरों में समय से पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा किसानों ने खाद की उपलब्धता और उसके वितरण को लेकर भी नाराजगी जताई। जन भवन की ओर बढ़ रहे किसानों के मार्च को पुलिस ने स्टेडियम के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर परिवर्तन चौक से पैदल मार्च शुरू किया। उनका उद्देश्य जन भवन तक पहुंचकर अपनी मांगों को सामने रखना था। मार्च में शामिल किसान खाद की पर्याप्त उपलब्धता और सिंचाई के लिए नहरों में समय पर पानी पहुंचाने की मांग कर रहे थे। किसानों ने कहा कि फसल के लिए सिंचाई का समय महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में नहरों में पानी देर से पहुंचने की स्थिति में खेतों की सिंचाई प्रभावित होती है। प्रदर्शनकारी किसानों ने नहरों की नियमित निगरानी और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
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किसानों की ओर से जन भवन तक पैदल मार्च कर घेराव करने का आह्वान किया गया था। इसके मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मार्च के मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया और किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। पुलिस की ओर से की गई व्यवस्था के बीच किसान अपनी मांगों को लेकर मार्च करते हुए आगे बढ़े।
जन भवन की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने स्टेडियम के पास रोक दिया। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर आगे जाने का रास्ता बंद किया था। किसान जन भवन की ओर आगे बढ़ना चाहते थे, जबकि पुलिस उन्हें वहीं रोकने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई। कुछ समय के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। इसके बाद किसानों ने स्टेडियम के पास ही अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
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प्रदर्शन कर रहे किसानों की प्रमुख मांगों में नहरों में समय से पानी पहुंचाना शामिल रहा। किसानों का कहना है कि नहरों में पानी छोड़े जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में अंतिम छोर यानी टेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता। किसानों ने नहरों की नियमित निगरानी कराने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि पानी नहरों के अंतिम छोर तक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के अनुसार सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने से खेतों में फसलों की सिंचाई समय पर नहीं हो पाती। उन्होंने इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।
किसानों ने खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि खेती के सीजन में खाद लेने के लिए किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसानों ने पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और उसके वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना है कि किसानों को खाद के लिए लाइन लगाने और अलग-अलग स्थानों पर भटकने की स्थिति से राहत मिलनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने खाद और सिंचाई दोनों से जुड़ी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
स्टेडियम के पास किसानों को रोके जाने के बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
किसानों ने कहा कि यदि खाद और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन कर सकते हैं। किसानों की मांगों में पर्याप्त खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, नहरों में समय से पानी छोड़ना और नहरों के टेल तक पर्याप्त पानी पहुंचाना शामिल है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्य रूप से खेती के लिए आवश्यक खाद और सिंचाई के पानी की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। किसानों की मांग है कि नहरों में पानी समय से पहुंचे और उसकी नियमित निगरानी की जाए।
इसके साथ ही किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की मांग की। फिलहाल प्रदर्शन को देखते हुए स्टेडियम के पास पुलिस बल तैनात रहा। बैरिकेडिंग के जरिए किसानों के मार्च को रोके जाने के बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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