>विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में एसोचैम द्वारा एक संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख अय्यर ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम होटल हयात में आयोजित हुआ, जहां प्रदेशभर से आए 500 से अधिक एमएसएमई उद्यमी और उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए।
एमएसएमई: उत्तर प्रदेश की प्रगति की रीढ़
>कार्यक्रम की मेज़बानी एसोचैम उत्तर प्रदेश के सह-अध्यक्ष हसन याकूब ने की। उन्होंने जिलाधिकारी विशाख अय्यर के जीवन सफर की सराहना करते हुए एमएसएमई क्षेत्र में प्रदेश की ताकत और संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
>जिलाधिकारी विशाख अय्यर ने अपने संबोधन में कहा, “उत्तर प्रदेश एमएसएमई का पावर हाउस है। यहां कुशल श्रम, बड़ा बाज़ार, किफायती संसाधन और मजबूत सरकारी सहयोग – सब कुछ मौजूद है।”
ओडीओपी और युवा उद्यमिता को मिल रही नई पहचान
>उन्होंने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की चर्चा की।
>ओडीओपी योजना के अंतर्गत यूपी के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
>मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन 30 दिनों के भीतर निस्तारित किए जा रहे हैं।
लखनऊ बना एमएसएमई पंजीकरण में नंबर वन जिला
>जिलाधिकारी विशाख अय्यर ने बताया कि लखनऊ प्रदेश में एमएसएमई पंजीकरण में पहले स्थान पर है और प्रशासन उद्यमियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को विश्वास दिलाया कि, “प्रशासन आपके साथ है, किसी भी समस्या में समाधान के लिए हमेशा तैयार है।”
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