सीएम आवास के पास महिला का आत्मदाह प्रयास

News Desk 23 Jun 2025, 01:39 AM 1 min read
सीएम आवास के पास महिला का आत्मदाह प्रयास


>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री आवास के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने आत्मदाह की कोशिश की। महिला की पहचान पीलीभीत की पत्रकार सुमित्रा कौर के रूप में हुई है, जो पुलिस की लापरवाही से परेशान होकर यह खौफनाक कदम उठाने पहुंची थीं।


>घटना लखनऊ के गौतमपल्ली इलाके की है, जहां सुमित्रा कौर अपने भाई के साथ सीएम आवास के पास पहुंचीं। उन्होंने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद आत्मदाह निरोधी दस्ते और पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें समय रहते बचा लिया और आग लगाने से रोक दिया। इसके बाद महिला को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।

क्या है मामला?


>सुमित्रा कौर ने पीलीभीत जिले के हजारा थाना क्षेत्र में अपने घर में घुसकर कुछ लोगों द्वारा की गई अभद्रता और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि स्थानीय पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे वो मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।


>एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया, “महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीलीभीत पुलिस को सूचना भेजी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक मेडिकल जांच के बाद पीड़िता से पूछताछ की जाएगी।”

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?