>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर इंसाफ और इंसानियत के जटिल सवालों के बीच गूंज उठी, जब दुष्कर्म के आरोप में जमानत पर छूटे 35 वर्षीय रोहित यादव ने आत्महत्या कर ली। परिवार का दावा है कि आरोप लगाने वाली महिला ने 12 लाख रुपये की मांग कर ब्लैकमेल किया, जिससे मानसिक रूप से टूट चुके रोहित ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
>इंदिरा नगर के तकरोही निवासी रोहित यादव हाल ही में एक साल की जेल काटने के बाद जमानत पर बाहर आया था। अपनी पत्नी पूजा और बच्चों के साथ नाका के मातादीन हाता इलाके में रह रहा था। बुधवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई जब रोहित का शव घर में फंदे से लटका मिला।
>पत्नी पूजा ने रोते हुए बताया, "रोहित बेहद तनाव में था। उसने बताया कि दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला ने फोन कर 12 लाख रुपये की मांग की थी। हमने विरोध किया तो वह धमकाने लगी। इसी मानसिक दबाव में उसने यह कदम उठा लिया।"
>मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नाका थाना पुलिस कॉल डिटेल के माध्यम से जांच कर रही है। इंस्पेक्टर वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलने पर उचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
>घटना के समय रोहित की पत्नी पूजा अपनी बेटी के साथ ब्यूटी पार्लर में काम पर गई थीं। बेटा बाहर खेल रहा था। रात 10 बजे जब उसने दरवाजा खटखटाया और अंदर से कोई जवाब नहीं आया, तो वह रोने लगा। पड़ोसियों ने दीवार फांदकर दरवाजा खोला तो देखा कि रोहित ने फांसी लगा ली थी। तुरंत ट्रामा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें