नोएडा में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सेक्टर-126 क्षेत्र में परिवहन विभाग और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर सात ओवरलोड ट्रक और डंपर सीज कर दिए। कार्रवाई के दौरान संबंधित वाहनों पर कुल 8.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। सभी मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की गई है।
यह अभियान जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा को प्रभावित करने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे वाहनों में ब्रेक फेल होने, संतुलन बिगड़ने और वाहन पलटने जैसी घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। इसके अलावा ओवरलोड वाहन सड़कों को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे सार्वजनिक अवसंरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
इन्हीं कारणों को देखते हुए सेक्टर-126 क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान सात ट्रक और डंपर ओवरलोड पाए गए, जिन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया।
अभियान के दौरान पकड़े गए सभी वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत चालान किए गए। परिवहन विभाग ने ओवरलोडिंग के मामलों में कुल 8.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के विभिन्न मार्गों पर संयुक्त प्रवर्तन दल नियमित रूप से अभियान चलाते रहेंगे। ओवरलोडिंग के अलावा बिना वैध परमिट चलने वाले और फिटनेस मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा है कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि सेक्टर-126 क्षेत्र में यह कार्रवाई नियमित प्रवर्तन अभियान का हिस्सा थी। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों और चालकों से अपील की कि वे वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही माल लोड करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित सीमा के भीतर माल परिवहन करने से सड़क सुरक्षा बेहतर बनी रहती है और वाहन मालिक अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से भी बच सकते हैं।
प्रशासन का मानना है कि ओवरलोड वाहन सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ सड़कों की क्षति का भी प्रमुख कारण बनते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें आगे भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगी। प्रशासन ने वाहन संचालकों से यातायात और परिवहन नियमों का पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही माल परिवहन करने की अपील की है।
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