>उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक जनपद–एक उत्पाद कार्यक्रम को अगले चरण में और प्रभावी बनाने की तैयारी में है। एमएसएमई विभाग द्वारा ODOP 2.0 की रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें स्थानीय उद्यम, रोजगार और निर्यात को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
>ODOP 2.0 के तहत मौजूदा योजनाओं को अधिक परिणामोन्मुखी बनाने के साथ नई पहलों को जोड़े जाने का प्रस्ताव है। हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ODOP अब केवल योजना नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार और निर्यात वृद्धि का सशक्त माध्यम बन चुका है।
>प्रस्तावित रणनीति के अनुसार, वित्त पोषण सहायता योजना को पीएमईजीपी की तर्ज पर विस्तारित किया जाएगा। सफल इकाइयों को तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता सुधार और पैकेजिंग के लिए ‘एड-ऑन लोन’ दिया जाएगा। अनुदान सीमा को मौजूदा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
>ODOP सामान्य सुविधा केंद्र योजना में तकनीकी उन्नयन और पैकेजिंग के लिए ₹5 करोड़ की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक, अधिकतम ₹3.75 करोड़ की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया जा सकता है। कमिश्नर एवं डायरेक्टर इंडस्ट्री के. विजयेन्द्र पांडियन के अनुसार, ODOP ने प्रदेश के निर्यात में अहम भूमिका निभाई है।
>वर्ष 2017-18 से 2024 तक उत्तर प्रदेश के निर्यात में हुई वृद्धि में लगभग 50 प्रतिशत योगदान ODOP का रहा है, जबकि योजना के तहत लाखों लाभार्थियों को टूलकिट, ऋण और विपणन सहायता उपलब्ध कराई गई है।
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