2025 में आये चांदी बाजार में संरचनात्मक बदलाव, भौतिक कमी से कीमतों में रिकॉर्ड तेजी

Business News: मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में चांदी बाजार में संरचनात्मक बदलाव, भौतिक आपूर्ति संकट और घटते भंडार से कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर।


>वैश्विक चांदी बाजार में वर्ष 2025 के दौरान एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की कमोडिटीज इनसाइट रिपोर्ट Silver Unchained के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई तेज उछाल पारंपरिक बुल साइकिल से आगे निकलते हुए भौतिक आपूर्ति की कमी और घटते भंडार की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह तेजी अल्पकालिक सट्टेबाजी का परिणाम नहीं बल्कि गहरे आपूर्ति-आधारित दबावों का नतीजा है।


>रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर चांदी की कीमत 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई, जबकि घरेलू बाजार में भाव 2.3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गए। यह सालाना आधार पर 160 प्रतिशत से अधिक की बढ़त को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते पांच वर्षों से लगातार चांदी का बाजार भौतिक घाटे में है, जहां खनन आपूर्ति औद्योगिक और निवेश मांग के अनुरूप नहीं है।


>लंबी अवधि के मूल्य रुझान से यह संकेत मिलता है कि 2025 में कीमतों में आया उछाल दशकों के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ों में से एक है। इसके साथ ही एक्सचेंजों पर उपलब्ध भौतिक चांदी के भंडार में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार में डिलीवेरेबल मेटल की कमी और स्पष्ट हुई है।


>मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटीज रिसर्च प्रमुख नवनीत दमानी ने कहा, 2025 में चांदी बाजार पारंपरिक बुल चक्र से आगे बढ़कर एक संरचनात्मक चरण में प्रवेश कर चुका है। भौतिक आपूर्ति घाटा, घटते इन्वेंट्री स्तर और नीतिगत प्रतिबंधों ने वैश्विक मूल्य निर्धारण तंत्र पर दबाव बढ़ा दिया है।


>कमोडिटीज विश्लेषक मानव मोदी के अनुसार, कॉमेक्स और शंघाई जैसे प्रमुख वैश्विक केंद्रों पर इन्वेंट्री में लगातार गिरावट और कमजोर होता आर्बिट्राज यह दर्शाता है कि बाजार में भौतिक चांदी की वास्तविक कमी है।


>रिपोर्ट में चीन की भूमिका को भी अहम बताया गया है। दुनिया के बड़े रिफाइनरों और आयातकों में शामिल चीन में 2025 के दौरान चांदी का भंडार दशक के निचले स्तर पर पहुंच गया। जनवरी 2026 से प्रस्तावित निर्यात लाइसेंसिंग नियमों के चलते वैश्विक बाजार में आपूर्ति और सख्त होने की आशंका जताई गई है। इसी दौरान कॉमेक्स पर “वॉल्ट ड्रेन” जैसी स्थिति सामने आई, जब चार कारोबारी दिनों में 60 प्रतिशत से अधिक पंजीकृत स्टॉक डिलीवरी के लिए दावा किया गया।


>रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा परिदृश्य में चांदी की कीमतें कागजी सौदों के बजाय वास्तविक धातु की उपलब्धता से तय हो रही हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चरणबद्ध निवेश रणनीति के साथ ‘बाय ऑन डिप्स’ रुख बनाए रखा है।


 

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