>लखनऊ। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को काले कोट पहने एक शख्स के साथ कोर्ट रूम में देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेने वाला शख्स कोर्ट के जज हैं। यह तस्वीर जैसे ही सामने आई, सियासी गलियारों में हलचल मच गई। लेकिन इस वायरल तस्वीर की हकीकत कुछ और ही है।
>तस्वीर में नजर आ रहा व्यक्ति जज नहीं, वकील है
>वायरल हो रही इस तस्वीर में राहुल गांधी के साथ जो व्यक्ति सेल्फी ले रहा है, उसका नाम सैयद महमूद हसन है। वे लखनऊ के सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता हैं, न कि किसी भी अदालत के जज। मंगलवार को राहुल गांधी लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश हुए थे। उसी दौरान कोर्ट रूम में मौजूद कई अधिवक्ताओं ने उनके साथ तस्वीरें लीं, जिनमें महमूद हसन भी शामिल थे।
>राहुल गांधी के प्रशंसक हैं एडवोकेट महमूद हसन
>एडवोकेट सैयद महमूद हसन ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वे राहुल गांधी के प्रशंसक हैं और उनसे मिलने के लिए कोर्ट में मौजूद थे। उन्होंने कहा, "मैंने राहुल गांधी जी के साथ एक सेल्फी ली थी क्योंकि मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से पसंद करता हूं। यह तस्वीर मैंने ही ली थी और यह पूरी तरह से स्वाभाविक था।"
>जज से सेल्फी वाला दावा है भ्रामक
>यह स्पष्ट हो चुका है कि सोशल मीडिया पर चल रहा यह दावा कि कोर्ट के जज ने राहुल गांधी के साथ सेल्फी ली, पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। कोर्ट की गरिमा और निष्पक्षता को लेकर इस तरह की अफवाहें न केवल भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि न्यायपालिका की साख को भी चोट पहुंचा सकती हैं।
>राहुल गांधी क्यों पहुंचे थे कोर्ट?
>राहुल गांधी की कोर्ट में पेशी सेना को लेकर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में हुई थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने गलवान घाटी में भारत और चीन की झड़प को लेकर टिप्पणी की थी, जो कथित रूप से सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली मानी गई।
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