>फतेहपुर में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की हत्या के मामले ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। शुक्रवार (17 अक्टूबर 2025) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हरिओम के परिवार से मिलने फतेहपुर पहुंचे। हालांकि, इससे पहले परिवार ने वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया था कि वे किसी भी राजनीतिक दल से नहीं मिलना चाहते। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से मदद और नौकरी मिल चुकी है और वे राजनीति में शामिल नहीं होना चाहते।
>इसी के बावजूद, राहुल गांधी करीब आधे घंटे तक हरिओम के घर पर रुके और परिवार से बातचीत की। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा,
"यह अपराध किसी परिवार ने नहीं किया, बल्कि अपराध इनके खिलाफ हुआ है। लेकिन प्रशासन और सरकार इन्हें ही अपराधी की तरह पेश कर रही है। परिवार को घर में बंद रखा गया है और डराया जा रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि हरिओम की बहन की तबीयत खराब है, लेकिन उसे इलाज के लिए बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।
>राहुल गांधी ने मुलाकात के दौरान पूरे देश में दलितों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और अत्याचार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि परिवार को सम्मान और सुरक्षा दी जाए और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जाए। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि दोषियों को बचाने की कोशिश नहीं की जाए, बल्कि उन्हें जल्द न्याय दिलाया जाए।
>हरिओम वाल्मीकि के परिवार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी राजनीतिक दल से मिलने के इच्छुक नहीं हैं। छोटे भाई शिवम वाल्मीकि ने कहा, "हम सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। राहुल गांधी या किसी अन्य पार्टी के नेता हमारे घर राजनीति करने न आएं।"
>कुछ दिन पहले फतेहपुर में हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और सरकार ने परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। लेकिन राहुल गांधी की हालिया मुलाकात ने मामले को फिर से राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है।
>एक ओर परिवार सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष आरोप लगा रहा है कि प्रशासन परिवार को दबाव में रखकर न्याय से दूर कर रहा है।
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