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राजा भैया की पत्नी भानवी को हर महीने 30 हजार रुपये, मेडिकल खर्च भी उठाना होगा

साकेत अदालत की महिला अदालत ने अंतरिम आदेश में हर महीने की 10 तारीख तक रकम जमा कराने और भानवी के इलाज का पूरा खर्च उठाने को कहा।
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Bureau News Desk
21 Aug 2026
01:21 PM
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राजा भैया की पत्नी भानवी को हर महीने 30 हजार रुपये, मेडिकल खर्च भी उठाना होगा
हाइलाइट्स
साकेत अदालत ने राजा भैया को पत्नी भानवी कुमारी सिंह के लिए 30 हजार रुपये मासिक भरण-पोषण देने का आदेश दिया।
अदालत ने रकम हर महीने की 10 तारीख तक भानवी के खाते में जमा कराने को कहा है।
भानवी की याचिका में कहा गया था कि उन्हें अब तक पति की ओर से भरण-पोषण के लिए कोई राशि नहीं मिली।
याचिका में कई स्वास्थ्य समस्याओं और इलाज पर होने वाले खर्च का उल्लेख किया गया था।

नई दिल्ली। साकेत अदालत दिल्ली ने उत्तर प्रदेश के जनसत्ता दल के प्रमुख नेताओं में रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह को भरण-पोषण के लिए हर महीने 30 हजार रुपये देने का अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने इसके साथ ही भानवी कुमारी सिंह के इलाज पर होने वाले मेडिकल खर्च का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है।

यह आदेश महिला अदालत की जज छाया त्यागी ने पारित किया। अदालत ने कहा कि निर्धारित राशि हर महीने की 10 तारीख तक भानवी कुमारी सिंह के खाते में जमा कराई जाए। मामले में भानवी ने अपने पति से भरण-पोषण की मांग करते हुए अदालत में याचिका दायर की थी।

भानवी कुमारी सिंह की ओर से साकेत अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि वह अपने ससुराल के साझा मकान में नहीं रह रही हैं और अपने पति से अलग ग्रीन पार्क में रहती हैं। याचिका में यह भी बताया गया कि ग्रीन पार्क स्थित मकान की मालकिन भानवी स्वयं हैं।

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याचिका के मुताबिक, भानवी को अब तक अपने पति की ओर से भरण-पोषण के लिए कोई राशि नहीं मिली थी। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

अदालत के अंतरिम आदेश के बाद अब राजा भैया को प्रत्येक महीने तय रकम भानवी के खाते में जमा करनी होगी। भुगतान की समयसीमा हर महीने की 10 तारीख निर्धारित की गई है।

भानवी कुमारी सिंह की याचिका में कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। याचिका में दावा किया गया कि वह कई तरह की बीमारियों से जूझ रही हैं और इलाज पर खर्च हो रहा है।

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याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि शारीरिक यातना की वजह से उनके फेफड़ों में समस्या हुई। इसके अलावा लीवर में गांठ और मोतियाबिंद की शिकायत का भी जिक्र किया गया।

भानवी ने अदालत को बताया था कि उनकी हर महीने की आय करीब छह हजार रुपये है। याचिका के अनुसार, यह राशि उनके इलाज का खर्च उठाने के लिए पर्याप्त नहीं है।

इन दावों के आधार पर अदालत ने केवल नियमित भरण-पोषण की राशि तय नहीं की, बल्कि इलाज का पूरा खर्च उठाने का निर्देश भी दिया। साकेत अदालत के अंतरिम आदेश के तहत भानवी कुमारी सिंह को हर महीने 30 हजार रुपये दिए जाने हैं। अदालत ने स्पष्ट रूप से भुगतान की समयसीमा भी तय की है।

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निर्देश के मुताबिक, यह रकम प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक भानवी के बैंक खाते में जमा की जानी है। इसके अलावा उनके इलाज पर होने वाले मेडिकल खर्च का भुगतान भी राजा भैया को करना होगा।

यह आदेश फिलहाल अंतरिम प्रकृति का है। मामला अदालत में भरण-पोषण की मांग से संबंधित याचिका के आधार पर चल रहा है। याचिका में भानवी ने कहा था कि वह अपने ससुराल के साझा घर में नहीं रहती हैं और ग्रीन पार्क में अलग रह रही हैं। उनके मुताबिक, वहां स्थित मकान उनके स्वामित्व में है।

याचिका में आर्थिक सहायता और इलाज के खर्च को लेकर अदालत से राहत मांगी गई थी। भरण-पोषण की मांग के साथ स्वास्थ्य संबंधी खर्च का मुद्दा भी अदालत के सामने रखा गया।

अदालत के वर्तमान अंतरिम आदेश में दोनों पहलुओं को शामिल किया गया है। एक ओर 30 हजार रुपये मासिक भरण-पोषण देने का निर्देश है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल खर्च वहन करने की जिम्मेदारी भी तय की गई है।

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। दिए गए विवरण के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी, दोनों की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।

उनका नाम प्रदेश की राजनीति में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से भी जुड़ा रहा है। वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार के दौरान राजा भैया पर आतंकवाद निरोधी कानून पोटा लगाया गया था। इसके बाद उन्हें जेल भेजा गया था।

बाद में वर्ष 2013 में कुंडा में तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक जिया-उल-हक की हत्या के मामले को लेकर भी उनका नाम चर्चा में आया था। उस समय अखिलेश यादव सरकार में मंत्री पद पर रहे राजा भैया को इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, मौजूदा मामला उनकी पत्नी भानवी कुमारी सिंह की ओर से दाखिल भरण-पोषण याचिका और उस पर साकेत अदालत के अंतरिम आदेश से संबंधित है।

साकेत अदालत के अंतरिम आदेश के अनुसार, राजा भैया को भानवी कुमारी सिंह को हर महीने 30 हजार रुपये देने होंगे। यह भुगतान हर महीने की 10 तारीख तक उनके खाते में जमा कराया जाना है। इसके साथ ही भानवी के इलाज का पूरा मेडिकल खर्च वहन करने का भी निर्देश दिया गया है।

इस मामले में अदालत के सामने भानवी की आय और उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को भी रखा गया था। याचिका के मुताबिक उनकी मासिक आय करीब छह हजार रुपये है, जबकि इलाज का खर्च इससे अधिक है।

मामले की उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भानवी की याचिका में मुख्य रूप से उनके अलग रहने, आय, भरण-पोषण की मांग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उल्लेख किया गया था।

याचिका में यह भी कहा गया कि उन्हें अपने पति से अब तक भरण-पोषण के रूप में कोई राशि नहीं मिली है। इसके बाद अदालत में नियमित आर्थिक सहायता और इलाज के खर्च की मांग की गई। अदालत ने अंतरिम स्तर पर 30 हजार रुपये प्रतिमाह देने तथा मेडिकल खर्च उठाने का आदेश पारित किया।

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