बाराबंकी। देवा-चिनहट रोड स्थित श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी पर आखिरकार शासन का शिकंजा कस गया है। तीन साल से बिना मान्यता के विधि पाठ्यक्रम में दाखिला देने और लाठीचार्ज प्रकरण की जांच के बाद, देर रात विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। यह कार्रवाई उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव डॉ. दिनेश कुमार की तहरीर पर की गई।
जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 में बिना मान्यता छात्रों को दाखिला देकर न केवल परीक्षाएं कराईं बल्कि मौजूदा सत्र 2025-26 में भी प्रवेश लेना शुरू कर दिया। इसे सरकार ने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 व नियमावली 2021 का खुला उल्लंघन माना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला भी गरमाया
मामला यहीं खत्म नहीं होता। विश्वविद्यालय परिसर में सरकार की ऊसर-बंजर जमीन पर अवैध कब्जे का विवाद भी गहराता जा रहा है। तहसीलदार नवाबगंज की अदालत ने बीते माह विश्वविद्यालय प्रबंधन पर 27 लाख 96 हजार रुपये का जुर्माना ठोंकते हुए जमीन को 30 दिन के भीतर खाली कराने का आदेश दिया था।
तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह के अनुसार, यह जमीन कई गाटों में बंटी हुई है और वर्ष 2021 से इस पर अतिक्रमण संबंधी वाद चल रहा था। यदि निर्धारित अवधि में जमीन खाली नहीं कराई गई तो प्रशासन नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।
इस तरह, एक ओर फर्जी दाखिले और मान्यता का विवाद विश्वविद्यालय की साख पर सवाल खड़े कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला इसे और गंभीर कानूनी जटिलताओं में घेर रहा है।
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