Monday, 07 September 2026 | Lucknow | 29°C

सत्य निकेतन हादसा: एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी निलंबित

सत्य निकेतन के पी-14 में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के बाद एमसीडी ने पांच अधिकारियों को निलंबित किया, विभागीय जांच भी लंबित
Bureau
Bureau News Desk
07 Sep 2026
02:00 PM
1 min read
सत्य निकेतन हादसा: एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी निलंबित
हाइलाइट्स
सत्य निकेतन के पी-14 में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में एमसीडी ने पांच अधिकारियों को निलंबित किया।
दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार भी निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं।
सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर पर भी कार्रवाई हुई।
एमसीडी विजिलेंस विभाग ने 7 सितंबर 2026 को अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए।

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पी-14 स्थित पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) ने पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार के अलावा सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।

एमसीडी के विजिलेंस विभाग की ओर से 7 सितंबर 2026 को अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए गए। इन आदेशों के अनुसार अधिकारियों को विभागीय कार्यवाही लंबित रहने तक निलंबित किया गया है। कार्रवाई में प्रशासनिक स्तर के अधिकारी के साथ-साथ भवन संबंधी जिम्मेदारियों से जुड़े इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।

यह खबर भी पढ़े - अंदर फंसे छात्रों ने मिलाया फोन, मदद के लिए सबसे पहले पहुंची ब्लिंकइट एंबुलेंस

एमसीडी की ओर से की गई कार्रवाई में दक्षिण जोन से जुड़े पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें प्रशासनिक और इंजीनियरिंग, दोनों स्तर के अधिकारी शामिल हैं। निलंबित अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

अधिकारी पद
राकेश कुमार डिप्टी कमिश्नर, दक्षिण जोन
रणवीर सिंह सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर
ललित कुमार गोयल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, भवन
सुनील चौहान असिस्टेंट इंजीनियर, भवन
आशीष कुमार जूनियर इंजीनियर, भवन

एमसीडी विजिलेंस विभाग के 7 सितंबर को जारी आदेशों में इन सभी के निलंबन का उल्लेख किया गया है। आदेशों के मुताबिक निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और विभागीय कार्यवाही लंबित रहने तक प्रभावी रहेगा।

इस कार्रवाई में दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार का निलंबन प्रमुख कदम है। जारी आदेश के अनुसार उन्हें एमसीडी आयुक्त के 7 सितंबर के आदेश के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, किसी इमारत के गिरने के मामले में डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी के निलंबन का यह पहला मामला बताया गया है। राकेश कुमार बिहार से प्रतिनियुक्ति पर एमसीडी में सेवाएं दे रहे थे। इस कार्रवाई के साथ सत्य निकेतन इमारत हादसे के मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गई है। हालांकि, उपलब्ध आदेशों में अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।

एमसीडी की कार्रवाई केवल दक्षिण जोन के प्रशासनिक अधिकारी तक सीमित नहीं रही। भवन संबंधी कार्यों से जुड़े चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह को डीएमसी सर्विसेज (कंट्रोल एंड अपील) रेगुलेशंस, 1959 के रेगुलेशन 5(2) के तहत विभागीय कार्यवाही लंबित रहने के दौरान निलंबित किया गया है। इसके अलावा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इस तरह एमसीडी की कार्रवाई में दक्षिण जोन के भवन से जुड़े इंजीनियरिंग तंत्र के अलग-अलग स्तरों पर तैनात अधिकारियों को शामिल किया गया है।

यह कार्रवाई सत्य निकेतन के पी-14 में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने की घटना के बाद की गई है। घटना के बाद भवन की स्थिति और आसपास के निर्माण को लेकर एमसीडी की ओर से कार्रवाई शुरू की गई। हादसे के बाद सरकार और एमसीडी ने अवैध तथा खतरनाक भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पांचवीं मंजिल वाले अवैध भवनों को तत्काल सील करने और आसपास मौजूद पीजी तथा अन्य भवनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। सत्य निकेतन में पीजी और भवनों की मौजूदगी को देखते हुए हादसे के बाद आसपास के भवनों की सुरक्षा और निर्माण की स्थिति की जांच भी कार्रवाई का हिस्सा बनी है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दोबारा दौरा किया था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, राहत कार्य और हादसे के बाद की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई थी। इसके साथ ही अवैध और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए गए। पांचवीं मंजिल वाले अवैध भवनों को तत्काल सील करने और आसपास के पीजी तथा भवनों की सघन जांच के निर्देश भी इसी कार्रवाई के तहत दिए गए। अब पांच एमसीडी अधिकारियों के निलंबन से मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है।

सत्य निकेतन हादसे का असर हादसे वाली इमारत के पास स्थित पी-13 भवन पर भी पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना के बाद पी-13 भवन को एमसीडी ने खतरनाक घोषित कर दिया। एमसीडी के आदेश में भवन के मालिक को इसे ध्वस्त करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में भवन को ध्वस्त नहीं किए जाने की स्थिति में एमसीडी स्वयं इसे ध्वस्त कर सकती है। आदेश के मुताबिक, यदि निगम को भवन ध्वस्त करने की कार्रवाई करनी पड़ती है तो इसका खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है। इस कार्रवाई का संबंध आसपास के भवनों की स्थिति की जांच और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों से है।

पांचों अधिकारियों के मामले में जारी आदेशों में निलंबन को विभागीय कार्यवाही लंबित रहने से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि निलंबन की अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया जारी रहेगी। उपलब्ध जानकारी में इन विभागीय कार्यवाहियों के अंतिम परिणाम का उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों या विभागीय जांच के संभावित निष्कर्षों के संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। एमसीडी की ओर से 7 सितंबर को जारी कार्यालय आदेश इस कार्रवाई का आधार हैं।

सत्य निकेतन मामले में की गई कार्रवाई को दो स्तरों पर देखा जा सकता है। एक ओर दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर को निलंबित किया गया है, वहीं दूसरी ओर भवन से जुड़े इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी निलंबन आदेश का सामना करना पड़ा है। सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर से लेकर जूनियर इंजीनियर तक चार अधिकारियों को कार्रवाई में शामिल किया गया है। इससे स्पष्ट है कि निलंबन केवल एक प्रशासनिक पद तक सीमित नहीं है, बल्कि भवन संबंधी जिम्मेदारियों से जुड़े अधिकारियों तक भी पहुंचा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही में तय की गई व्यक्तिगत जिम्मेदारी का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है।

सत्य निकेतन की घटना के बाद अवैध और खतरनाक भवनों की पहचान तथा उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर एमसीडी स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें पांचवीं मंजिल वाले अवैध भवनों को सील करने के साथ आसपास के पीजी और भवनों की सघन जांच शामिल है। पी-13 भवन को खतरनाक घोषित करना और उसे तीन दिन के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश इसी कार्रवाई के क्रम में सामने आया है। इससे पहले हादसे वाली पी-14 इमारत के गिरने की घटना ने आसपास के भवनों की स्थिति की जांच का मुद्दा भी सामने रखा था। अब एमसीडी की ओर से अधिकारियों के निलंबन के साथ भवन सुरक्षा से जुड़े प्रशासनिक कदम भी जारी हैं।

Explore Related Topics

सत्य निकेतन हादसा सत्य निकेतन इमारत हादसा सत्य निकेतन पीजी हादसा एमसीडी अधिकारी निलंबित डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार एमसीडी कार्रवाई दक्षिण जोन एमसीडी पी-14 सत्य निकेतन पी-13 भवन खतरनाक भवन दिल्ली इमारत हादसा एमसीडी विभागीय जांच

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News