>निवेशकों को सुनहरे सपने दिखाकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पने वाला शाइन सिटी समूह का मुख्य संचालक भगोड़ा राशिद नसीम अब अंतरराष्ट्रीय जालसाजी की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की जांच में सामने आया है कि राशिद केवल भारत तक ही सीमित नहीं था, बल्कि नेपाल में भी रियल एस्टेट का फर्जी कारोबार फैलाने की कोशिश कर रहा था।
>हाल ही में EOW द्वारा मथुरा से गिरफ्तार किए गए तेज नारायण शुक्ला की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। तेज नारायण, जो राशिद का बेहद करीबी बताया जा रहा है, ने यह स्वीकार किया है कि वर्ष 2019 में राशिद नेपाल गया था और वहां रियल एस्टेट घोटाले की नींव रखने का प्रयास कर रहा था।
>तेज नारायण के अनुसार, नेपाल यात्रा के दौरान राशिद के साथ नूरल और जिया नामक एजेंट भी थे। यहीं से योजना थी कि नेपाल में भी शाइन सिटी की तरह स्कीमें चला कर निवेशकों से ठगी की जाए। नेपाल पुलिस ने राशिद को हिरासत में लिया था, लेकिन साक्ष्य के अभाव में उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद राशिद नेपाल से दुबई फरार हो गया।
>EOW की जांच में यह भी सामने आया है कि शाइन सिटी के कई एजेंट अब भी लखनऊ और अन्य शहरों में छिपे हुए हैं। इनमें से कुछ के नाम कपिल गुप्ता सहित अन्य एजेंटों के रूप में सामने आए हैं, जो पहले लखनऊ में किराए के मकानों में रहते थे, लेकिन बाद में फरार हो गए। कई एजेंटों के वास्तविक पते तक EOW को नहीं मिले हैं, जिससे जांच में चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
>तेज नारायण स्वयं भी वृंदावन में "ओमेक्स इंटरसिटी" नामक रियल एस्टेट कंपनी चला रहा था और उसकी कई अन्य रियल एस्टेट कंपनियों से सांठगांठ भी जांच के दायरे में है। उसे पूछताछ के बाद लखनऊ की अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
>इस पूरे मामले की जांच EOW के निरीक्षक अजय पाल सिंह के नेतृत्व में तेज़ी से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी शाइन सिटी समूह के वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में जुटा है।
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