अम्बेडकरनगर के टांडा में जन्माष्टमी के दूसरे दिन पारंपरिक श्रीकृष्ण ददिकाधव उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और अलग-अलग जिलों से लोग टांडा पहुंचे।
बाबा अरुण दास के नेतृत्व में निकाली गई शोभायात्रा में विमान में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके साथ बाबा संसारी दास की तस्वीर भी रखी गई। शोभायात्रा में हाथी-घोड़े और विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल रहीं, जो श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनीं।
ददिकाधव उत्सव के तहत निकाली गई शोभायात्रा में धार्मिक आयोजन से जुड़े विभिन्न दृश्य और झांकियां शामिल की गईं। विमान में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा और बाबा संसारी दास की तस्वीर के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी और घोड़ों को भी शामिल किया गया। इसके अलावा आकर्षक झांकियां भी तैयार की गई थीं। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए।
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जन्माष्टमी के अगले दिन आयोजित होने वाले इस पारंपरिक उत्सव में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े धार्मिक भाव को प्रमुखता दी गई। टांडा में इस आयोजन के दौरान देर रात तक शोभायात्रा का क्रम जारी रहा। ददिकाधव उत्सव में सिर्फ अम्बेडकरनगर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अयोध्या, बस्ती और आजमगढ़ समेत कई जिलों से लोग टांडा पहुंचे।
श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण आयोजन स्थल और शोभायात्रा के मार्ग पर लोगों की भीड़ रही। विभिन्न स्थानों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में भाग लिया और आयोजन का हिस्सा बने। टांडा में आयोजित यह उत्सव स्थानीय स्तर पर पारंपरिक धार्मिक आयोजन के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को शोभायात्रा के प्रमुख केंद्र के रूप में रखा गया।
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बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्र को पांच जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया। प्रशासन ने शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी। जिलाधिकारी ईशा प्रिया और पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने मौके पर कैंप कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजन स्थल और शोभायात्रा से जुड़े मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। प्रशासन की ओर से भीड़ और शोभायात्रा को देखते हुए क्षेत्रवार व्यवस्था की गई थी।
शोभायात्रा के मार्ग पर बिजली के तारों को देखते हुए भी विशेष सावधानी बरती गई। प्रमुख मार्ग पर बिजली आपूर्ति बंद रखी गई, ताकि शोभायात्रा के दौरान बिजली के तारों से किसी तरह की समस्या न हो। शोभायात्रा के मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पहले से क्षेत्र को जोन और सेक्टर में विभाजित किया था। इसके अलावा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
श्रीकृष्ण ददिकाधव उत्सव के तहत निकली शोभायात्रा का नेतृत्व बाबा अरुण दास ने किया। इसमें विमान के भीतर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित की गई थी। साथ ही बाबा संसारी दास की तस्वीर भी शोभायात्रा में शामिल रही। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े और विभिन्न झांकियां शामिल होने के कारण इसका स्वरूप विस्तृत रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे आयोजन में भाग लिया और शोभायात्रा के मार्ग पर मौजूद रहे।
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