लखनऊ में बस की रफ्तार बनी काल: टेंपो चालक की हुई मौत

News Desk 06 Jun 2025, 06:02 AM 1 min read
लखनऊ में बस की रफ्तार बनी काल: टेंपो चालक की हुई मौत


>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटौंजा इलाके में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। सीतापुर रोड स्थित कल्याणपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास सवारी बैठाने के विवाद ने देखते ही देखते एक ज़िंदगी छीन ली।


>महोना नगर पंचायत के वार्ड नंबर-8 शेख टोला निवासी 26 वर्षीय तौसीफ नामक टेंपो चालक की तेज रफ्तार निजी बस से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब तौसीफ और एक ई-रिक्शा चालक के बीच सवारी को लेकर कहासुनी हो गई थी। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान ई-रिक्शा चालक ने तौसीफ को धक्का दे दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गया।


>अभी लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार निजी बस ने उसे कुचल दिया। यह पूरी घटना कुछ ही सेकंडों में हुई, लेकिन इसका असर पूरे इलाके में गूंज उठा।

घटना के बाद दोनों आरोपी फरार


>हादसे के तुरंत बाद ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया, जबकि बस चालक भी तेज रफ्तार में वाहन लेकर भाग निकला। राहगीरों ने ई-रिक्शा चालक को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया।


>इटौंजा थाना प्रभारी मार्कंडेय यादव ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और बस व ई-रिक्शा चालक की तलाश की जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों से पूछताछ की जा रही है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

समाज पर सवाल: सड़कों पर कानून का डर कहां?


>यह हादसा न केवल एक परिवार को गम में डुबो गया, बल्कि समाज में बढ़ती अराजकता और ट्रैफिक सिस्टम की अनदेखी पर भी सवाल खड़े करता है। सवारी के लिए होने वाले झगड़े, तेज रफ्तार वाहन और कानून का भयहीनता—इन तीनों ने मिलकर एक और जान ले ली।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?