>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पूर्व प्रदेश के विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी। दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के तहत 10,28,205 विद्यार्थियों के बैंक खातों में ₹300 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से भेजी गई। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश का कोई भी छात्र अब छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहेगा और यह पहल छात्रों को शिक्षा में किसी भी बाधा के बिना आगे बढ़ने के संकल्प का हिस्सा है।
>मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति वितरण में विलंब और भेदभाव जैसी समस्याएँ आम थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू टेक्नोलॉजी आधारित डीबीटी प्रणाली ने इसे पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। अब छात्रवृत्ति साल में दो चरणों में दी जाती है -- अक्टूबर और जनवरी में, ताकि सभी पात्र छात्रों को समय पर लाभ मिले।
>छात्रसंख्या और वितरण राशि
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अनुसूचित जाति और जनजाति: 3,56,000+ छात्रों को ₹114.92 करोड़
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सामान्य वर्ग: 97,000+ छात्रों को ₹29.18 करोड़
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अन्य पिछड़ा वर्ग: 4,83,000+ छात्रों को ₹126.69 करोड़
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अल्पसंख्यक वर्ग: 90,758 छात्रों को ₹27.16 करोड़
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>सीएम योगी ने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से छात्रों को सीधे लाभ पहुंच रहा है, जैसा कि प्रधानमंत्री जी कहते हैं, “पारदर्शिता ही सुशासन की पहचान है।”
>मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गत वर्ष किसी छात्र को तकनीकी या संस्थागत लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल पुनः सक्रिय किया गया है और जल्द ही सभी पात्र छात्रों को भी डीबीटी के माध्यम से राशि दी जाएगी। सीएम ने छात्रों से आग्रह किया कि वे पढ़ाई, अनुशासन और लगन के साथ अपने सपनों की उड़ान भरें। उन्होंने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के उद्धरण का स्मरण कराया: “पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबी बन सकते हैं।”
>छात्रवृत्ति का दायरा और उपलब्धियाँ
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वर्ष 2016-17 में 8.64 लाख छात्र, अब 62 लाख छात्र लाभान्वित
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पिछले आठ वर्षों में 4.27 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ
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अटल आवासीय विद्यालय, आश्रम पद्धति विद्यालय और कस्तूरबा बालिका विद्यालयों के माध्यम से नि:शुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा
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अभ्युदय कोचिंग योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी
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>छात्र अंशिका वर्मा ने कहा: "मुझे छात्रवृत्ति प्राप्त कर अत्यंत गौरव का अनुभव हो रहा है। यह न केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम है, बल्कि भविष्य को सशक्त बनाने की पहल भी है।"
>छात्र ऋषभ देव मिश्रा ने कहा: "आज का यह अवसर मेरे लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री जी की इस पहल से हमें आत्मविश्वास मिला है और हम अपनी पढ़ाई पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ जारी रखेंगे।"
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