>लखनऊ, - उत्तर प्रदेश एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ा रहा है। 9 जुलाई को एक दिन में 37.21 करोड़ पौधे रोपकर नया रिकॉर्ड बनाने के बाद अब योगी सरकार ने ‘विशिष्ट वनों’ की स्थापना का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इस हरित महायज्ञ की शुरुआत 18 जुलाई को पीलीभीत से 'एकलव्य वन' के शुभारंभ के साथ होगी।
>यह आयोजन ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। पूरे सावन और अगस्त महीने में यूपी के विभिन्न जिलों में ऑक्सी वन, शक्ति वन, त्रिवेणी वन, अटल वन, गोपाल वन, एकता वन, शौर्य वन सहित विशेष थीम आधारित वनों की स्थापना की जाएगी।
>योगी सरकार की नई पर्यावरणीय पहल:
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह कार्यक्रम न सिर्फ पौधरोपण तक सीमित रहेगा, बल्कि इसे सामाजिक भागीदारी और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ा गया है। रक्षाबंधन (9 अगस्त) पर भाई-बहन मिलकर पौधे लगाएंगे, 15 अगस्त को 'शौर्य वन' का निर्माण होगा और 5 सितंबर को 'एक पेड़ गुरु के नाम' योजना के अंतर्गत गुरु-शिष्य परंपरा को हरियाली से जोड़ा जाएगा।
>राज्य स्तरीय आयोजन की प्रमुख तिथियां:
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| विशिष्ट वन | तारीख | स्थान |
|---|---|---|
| एकलव्य वन | 18 जुलाई | पीलीभीत |
| ऑक्सी वन | 19 जुलाई | बरेली |
| शक्ति वन | 21 जुलाई | लखनऊ |
| त्रिवेणी वन | 23 जुलाई | प्रयागराज |
| अटल वन | 25 जुलाई | आगरा |
| गोपाल वन | 27 जुलाई | मथुरा |
| एकता वन | 31 जुलाई | मेरठ |
| शौर्य/सिंदूर वन | 15 अगस्त | लखनऊ |
| एक पेड़ गुरु के नाम | 5 सितंबर | सभी वन प्रभाग |
>साथ ही, 4 अगस्त को 'पवित्र धारा पौधरोपण', 6 से 8 अगस्त के बीच औद्योगिक इकाइयों द्वारा पौधरोपण, और 9 अगस्त को रक्षाबंधन वाटिका का आयोजन किया जाएगा।
>सरकार की दृष्टि: हर पौधा बने पहचान
>मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी के अनुसार, इन कार्यक्रमों के लिए प्रभागवार जिम्मेदारी तय की गई है। संबंधित जोनल और मंडलीय मुख्य वन संरक्षक राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी होंगे। इस अभियान का लक्ष्य सिर्फ वृक्षारोपण नहीं, बल्कि पर्यावरण चेतना को जन-आंदोलन में बदलना है।
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